एक विधानसभा से 20 हजार वोटर गायब! SIR पर सपा सांसद राजीव के गंभीर आरोप

लखनऊ 
समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम गायब होने का आरोप लगाया है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि मऊ सदर विधानसभा से 20 हजार नाम गायब हैं। राजीव राय ने मोबाइल फोन दिखाते हुए कहा, 'इसमें कहा गया है कि डिलीशन का एप्लिकेशन स्वीकार कर लिया गया है। आखिर यह डिलीशन कहां से आया, किस अज्ञात पते से आया? यह हमें नहीं बताया जा रहा है। मैंने सबूतों के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त को कल पत्र लिखा। हम लोग पूरे दिन इंतजार करते रहे कि समय मिलेगा मगर ऐसा नहीं हुआ।'
 
घोसी से सपा सांसद राजीव राय ने कहा, 'मैंने जिलाधिकारी को चिट्ठी लिखी। अभी फोन आया तो बताया गया कि डीएम को जांच कराने के लिए कहा गया है। ऐसा हाल हो गया है। लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।' उन्होंने कहा कि मऊ विधानसभा से 20 हजार नाम काटे गए हैं। मैं चुनाव आयोग से जानना चाहता हूं कि डिलीशन का एप्लिकेशन किसने दिया है? क्या बीजेपी के वार रूम से यह बैठे-बैठे हो रहा है? सपा नेता ने कहा, 'मैं गलत भी हो सकता हूं लेकिन मुझे इसका जवाब चाहिए। ऐसा हो सकता है कि 20 हजार लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए गए हों। आखिर आपको बताने में क्या परहेज है।'

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SIR पर अखिलेश यादव भी उठा रहे सवाल
बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी SIR को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साध रहे हैं। अखिलेश ने शनिवार को कहा कि एसआईआर को लेकर इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं। उन्होंने कहा, 'शादियों के मौसम में सभी लोग व्यस्त हैं। इसी समय आयोग एसआईआर करवा रहा है। आख़िर भाजपा और आयोग के बीच क्या सेटिंग है। एसआईआर को लेकर कोई बड़ी साजिश रची जा रही है।' अखिलेश ने कहा है कि प्रदेश में लगातार शादियां हो रही हैं और शादियों के समय पर लोगों का एक दूसरे के यहां आना-जाना, शादी की तैयारी करना सब व्यस्त हैं। इतने कम समय में SIR कराना पूरे प्रदेश का और किस-किस को आपने जिम्मेदारी दी हैं।' अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग और भाजपा दोनों मिले हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसआईआर कराने की जल्दी क्यों है। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को सहायक बनाया गया है।

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