ग्वालियर में एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए 28 भवन टूटेंगे, खाली प्लॉटों का भी होगा अधिग्रहण

ग्वालियर

शहर को ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत देने के लिए स्वर्ण रेखा नदी पर बन रही 14.2 किमी लंबी एलिवेटेड रोड परियोजना का काम फिर शुरू तो हुआ है, लेकिन बाधाएं अब भी खत्म नहीं हुईं। प्रथम चरण में लूप निर्माण दोबारा चालू किया गया है लेकिन पड़ाव स्थित गंगादास की शाला के पास 28 भवन और खाली प्लॉट अभी भी अतिक्रमण के रूप में रुकावट बने हुए हैं।

करीब 1373.21 करोड़ रुपए की इस परियोजना का पहला चरण ट्रिपल आईटीएम से महारानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक 6.5 किमी में बन रहा है। जिला प्रशासन, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई के बाद काम आगे बढ़ा है, लेकिन अतिक्रमण हटे बिना गति मिलना मुश्किल माना जा रहा है।
एएसआई अनुमति में फंसा मामला

जहां लूप निर्माण में तकनीकी दिक्कतें हैं वहां पीडब्ल्यूडी ने एएसआई को दोबारा पत्र भेजा है, लेकिन पहले अनुमति से इनकार हो चुका है। इससे कानूनी और प्रशासनिक उलझनें बढ़ गई हैं और टाइमलाइन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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निरीक्षण ज्यादा प्रगति कम

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद भारत सिंह कुशवाह, मंत्री प्रद्यु्न सिंह तोमर और प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट कई बार निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन जमीनी हकीकत में अतिक्रमण और अधूरा निर्माण अब भी जस का तस है।

क्या कहते है एक्सपर्ट

शासन और संबंधित विभागों को सख्ती के साथ शेष अतिक्रमण हटाकर निर्धारित समय सीमा में ट्रिपल आईटीएम से महारानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक प्रथम चरण को जल्द चालू करना चाहिए, ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके। – ज्ञानवर्धन मिश्रा, सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग
अतिक्रमण और अधिग्रहण अभि अधूरा

करीब 35 करोड़ रुपए का जमीन अधिग्रहण अवार्ड बांटा जा चुका है, फिर भी रानीपुरा, मानपुर, रमटापुरा और पड़ाव क्षेत्र में अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हट पाया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वर्ण रेखा में चैंबर तोड़े जाने से गंदा पानी घरों में भर रहा है और धूल-जाम से परेशानी बढ़ रही है।
ये है वर्तमान स्थिति

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लंबाई : 6.5 किमी
चौड़ाई : 16 मीटर
लूप : 13
लागत : 446.92 करोड़
अब तक खर्च: 308 करोड़
कार्य प्रगति : 75%
साढ़े तीन साल में तीन बार बढ़ी समय सीमा

कार्य शुरू : 23 जून 2022
पहली डेडलाइन : 17 फरवरी 2025
बढ़ाकर : 31 दिसंबर 2025
फिर : जून 2026 अब
नई तारीख : 31 दिसंबर 2026
अब तक करीब 75% काम और 308 करोड़ रुपए खर्च होने का दावा है। निर्माण का जिम्मा श्रीमंगलम बिल्डकॉन इंडिया प्रा. लि. के पास है।