48 चौके, 2 छक्के: राहुल द्रविड़ के बेटे की धमाकेदार पारी, 459 रन में छा गया

नई दिल्ली

राहुल द्रविड़ ने भारतीय क्रिकेट बल्लेबाज से नया आयाम दिया था. अब उनका बेटा अन्वय उसी राह पर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है. महज 16 साल की उम्र में इस खिलाड़ी ने कमाल का प्रदर्शन किया.

भारतीय क्रिकेट का इतिहास दिग्गजों से भरा हुआ है. सबके अपने-अपने रिकॉर्ड और खासियतें रही हैं. भारतीय क्रिकेट में जब भी तकनीक, अनुशासन और क्लास की बात होती है तो सबसे पहले जो नाम आता है वो है राहुल द्रविड़ का. इस दिग्गज को पूरी दुनिया ‘द वॉल’ के नाम से जानती है, लेकिन अब क्रिकेट जगत में एक नया ‘द्रविड़’ सुर्खियां बटोर रहा है, जी हां, बात हो रही है राहुल द्रविड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ की, जिसने महज 16 साल की उम्र में बल्ले से ऐसा कमाल दिखाया है कि पूरे कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में बस उसी की चर्चा है.

दरअसल, हाल ही में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के वार्षिक पुरस्कार समारोह में अन्वय द्रविड़ को अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया. यह लगातार दूसरा साल है जब अन्वय ने अपने दमदार प्रदर्शन से यह पुरस्कार अपने नाम किया है.

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6 मैचों में 459 रन बनाकर किया था कमाल
16 साल के अन्वय द्रविड़ पापा की राह पर हैं. उन्होंने इस साल विजय मर्चेंट ट्रॉफी के 6 मैचों की 8 पारियों में 459 रन ठोके थे. उन्होंने यह रन 91.80 की औसत और दो शानदार शतकों की बदौलत बनाए. उनके बल्ले से कुल 48 चौके और 2 छक्के निकले. अन्वय का यह शानदार प्रदर्शन बताता है कि वो अपने पिता की तरह धैर्य और तकनीक पर भरोसा तो करते ही हैं, लेकिन उनके खेल में आक्रामकता भी झलकती है.

विजय मर्चेंट ट्रॉफी क्या है?
जिस विजय मर्चेंट ट्रॉफी में अन्वय द्रविड़ का बल्ला चला वो भारत का एक प्रतिष्ठित अंडर-16 घरेलू टूर्नामेंट है, जिसका आयोजन BCCI करती है. इसका नाम भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ी विजय मर्चेंट के नाम पर रखा गया है. इस टूर्नामेंट का मकसद ऐसे युवा खिलाड़ियों को पहचान देना है जो भविष्य में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें. विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे कई दिग्गजों ने भी अपने करियर की शुरुआत इसी ट्रॉफी से की थी.

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पिता राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर बेटा
राहुल द्रविड़ हमेशा अपनी शांत और क्लासिकल बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे. अब उनके बेटे अन्वय में भी वही क्रिकेटिंग डीएनए नजर आ रहा है. कर्नाटक क्रिकेट सर्कल में कोच और खिलाड़ी मानते हैं कि अन्वय में ‘मिस्टर डिपेंडेबल’ की झलक साफ दिखाई देती है. राहुल द्रविड़ की तरह वह भी मैदान पर फोकस्ड रहते हैं और टीम के लिए जिम्मेदारी से खेलते हैं. अब देखना होगा कि बड़े होकर अन्वय कैसा क्रिकेट खेलते हैं.

अन्य खिलाड़ियों को भी मिला सम्मान
KSCA के इस समारोह में अन्वय के अलावा कई अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया. मयंक अग्रवाल को विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए सम्मान मिला, उन्होंने 93 की औसत से 651 रन ठोके थे, जबकि आर. स्मरण को रणजी ट्रॉफी में 516 रनों की शानदार पारी और दो शतकों के लिए पुरस्कृत किया गया. इतना ही नहीं केएल श्रीजीत को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सर्वाधिक 213 रन बनाने के लिए सम्मानित किया गया.

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