8वां वेतन आयोग: जानिए किन सरकारी कर्मचारियों की सैलरी सबसे पहले बढ़ेगी

नई दिल्ली

8वें वेतन आयोग को आखिरकार मंजूरी मिल चुकी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयोग के लिए संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दे दी है. अब यह नई वेतन संरचना 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है. इसी बीच आइए जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग का सबसे पहले किन सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा.

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को सबसे पहले लाभ 

आठवें वेतन आयोग का सबसे पहला लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलेगा. इसके लागू होते ही 50 लाख से ज्यादा कार्यरत कर्मचारियों की सैलरी में सीधी वृद्धि देखने को मिलेगी. इनमें भारतीय रेलवे, आयकर, डाक विभाग और सीमा शुल्क जैसे कुछ बड़ी विभागों के कर्मचारी शामिल हैं. 

सशस्त्र बल और अर्धसैनिक बल के कर्मचारी शामिल 

इसी के साथ भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के कर्मचारी भी आठवें वेतन आयोग का लाभ उठा पाएंगे. इसमें सिर्फ अधिकारी और सैनिक ही शामिल नहीं हैं, बल्कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आइटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बलों में सेवारत कर्मचारी भी शामिल हैं. आपको बता दें कि केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इन बालों के वेतनमान नए फिटमेंट फैक्टर के मुताबिक एडजेस्ट किए जाएंगे. 

See also  US अदालत ने पन्नू केस में भारत सरकार और अजित डोभाल को जारी किया समन, भड़का विदेश मंत्रालय

केंद्रीय संस्थानों और स्वायत्त निकायों के लिए लाभ 

मंत्रालयों और रक्षा बलों के अलावा कई केंद्रीय शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों को भी इस नए वेतन ढांचे का फायदा होगा. इसमें आईआईटी, आईआईएम, एआईआईएमएस, यूजीसी, आईसीएआर और सीएसआईआर शामिल हैं. इसी के साथ अलग-अलग सेक्टर में काम करने वाले रिटायर्ड कर्मचारियों को भी आठवें वेतन आयोग का फायदा होगा. इन कर्मचारियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है.

क्या हो सकता है फिटमेंट फैक्टर 

आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 और 2.46 के बीच रहने की उम्मीद की जा रही है. यानी कि यदि किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन ₹20000 है और फिटमेंट फैक्टर 2.5 पर सेट है तो नया मूल वेतन 20000×2.5=50000 हो जाएगा. इस वृद्धि के बाद एचआरए और डीए जैसे भत्तों पर भी प्रभाव पड़ेगा. इसके बाद टेक होम वेतन और भी ज्यादा हो जाएगा. हालांकि आपको बता दें कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर और वेतन स्लैब इन्फ्लेशन, जीवन यापन की लागत और सरकारी राजस्व का मूल्यांकन करने के बाद ही आयोग द्वारा तय किए जाएंगे. केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशन भोगियों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा. अनुमानों के मुताबिक कुल वेतन में 30% से 34% तक की वृद्धि देखने को मिल सकती है.

See also  मानसिक तौर पर कमजोर युवती को तान्त्रिक ने बनाया हवस का शिकार