यूएस फेड के फैसले पर टिकी पूरी दुनिया की नजर, चार साल बाद ब्याज दरों में कटौती का इंतजार

नई दिल्ली
 दुनिया भर के अर्थशास्त्रियों और निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (यूएस फेड) की आज  होने वाली बैठक पर टिकी हुई है। अभी तक के संकेतों के आधार पर माना जा रहा है कि आज  यूएस फेड ब्याज दरों में कटौती करने का ऐलान कर सकता है। अगर यूएस फेड ब्याज दरों में कटौती करने का ऐलान करता है, तो मार्च 2020 के बाद ये पहला मौका होगा, जब अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की जाएगी। अब कयास इस बात को लेकर लगाया जा रहा है कि ब्याज दरों में ये कटौती 25 बेसिस प्वाइंट की होगी या 50 बेसिस प्वाइंट की। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने की वजह से अमेरिका की आर्थिक हलचल पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डालती है। यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर अभी यूएस फेड के फैसले पर टिकी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूएस फेड 25 बेसिस प्वाइंट तक कटौती करने का ऐलान कर सकता है। हालांकि कुछ एक्सपर्ट 50 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती होने की बात भी कह रहे हैं। ब्याज दरों में कटौती होने की उम्मीद की वजह से वॉल स्ट्रीट में भी तेजी का रुख बना है। इस महीने अभी तक एसएंडपी 500 इंडेक्स में 1.57 प्रतिशत तक की तेजी आ चुकी है। इसी तरह नैस्डेक और डाउ जॉन्स भी ओवरऑल बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

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ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की वजह से ही अमेरिका में दो साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में बड़ी गिरावट आई है‌। ये जुलाई में 4.8 प्रतिशत के स्तर पर था, जो अब घट कर 3.6 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड में भी गिरावट दर्ज की गई है। फेड फंड फ्यूचर्स ने ब्याज दरों में 50 बेसिस पॉइंट्स की कमी की उम्मीद जताई है। उसका मानना है कि फेड फंड रेट मार्च 2025 तक 325 से 350 बेसिस प्वाइंट के स्तर तक आ जाएगा। फिलहाल ये 525 से 550 बेसिस प्वाइंट के स्तर पर है। मार्केट की ओर से अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले 6 महीने में ब्याज दरों में 200 बेसिस प्वाइंट्स की कमी आ सकती है।

मार्केट एक्सपर्ट प्रशांत जैन का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की इंटरेस्ट रेट तय करने वाली कमेटी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) ने जून में हुई अपनी मीटिंग में 2025 के अंत तक फेड फंड रेट के 4.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था। इससे ऐसा लगता है कि मार्केट ने इंटरेस्ट रेट में और भी अधिक कमी होने का अनुमान लगाया है। इसके पहले यूएस फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी संकेत दिया था कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फोकस अब इन्फ्लेशन को कंट्रोल करने की जगह लेबर मार्केट को अधिक से अधिक सपोर्ट करने पर है। यूएस फेड ने इस साल के अंत तक अमेरिका में बेरोजगारी दर चार प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है।

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अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फोकस लेबर मार्केट की ओर बढ़ने की वजह से भी कई एक्सपर्ट्स ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती होने का अनुमान लगा रहे हैं। हालांकि जाने माने अर्थशास्त्री निक टिमिरा ओस का कहना है कि अमेरिकी फेडरेल रिजर्व ने अपने सारे विकल्प खुले रखे हैं, ताकि बाजार को अधिक झटका न लगे। ऐसा इसलिए भी कहा जा रहा है, क्योंकि जब से ब्याज दरों में कटौती की बात शुरू हुई है, तभी से 50 बेसिस प्वाइंट्स की कमी करने का अनुमान लगाया जा रहा था। हालांकि अब कई एक्सपर्ट्स 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती का अनुमान लगा रहे हैं, जिससे वॉल स्ट्रीट को करारा झटका लग सकता है।