देवास में धर्मांतरण के नाम पर ₹50 हजार इलाज और बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला देने का लालच

देवास 

देवास जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र के ग्राम चौबारा जागीर में शुक्रवार को धर्मांतरण कराने की कोशिश का मामला सामने आया। गांव में पहुंचे कुछ युवक-युवतियां ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चार लोगों को हिरासत में लिया, जबकि मुख्य आरोपी मिथुन फरार हो गया।

शिकायतकर्ता गजराज सिंह के अनुसार आरोपियों ने गांव में बैठक कर लोगों से कहा कि प्रभु यीशु सभी समस्याओं का समाधान करते हैं। धर्म परिवर्तन करने वालों को ₹50 हजार इलाज की सुविधा और बच्चों को अच्छे स्कूल में दाखिला देने का लालच भी दिया गया। साथ ही हिन्दू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर लोगों से कहा गया कि उनके फोटो घरों से हटा दिए जाएं।

ईसाइ धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार फरियादी सरपंच गजराज सिंह सेंधव निवासी ग्राम चौबाराजागीर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि शुक्रवार को उनको सूचना मिली कि ग्राम भटकुंड में एक बैठक होने वाली है जिसमें बाहर से लोग आने वाले हैं। इसके बाद मैं व मेरे साथी भीम सिंह व जयसिंह मौके पर पहुंचे। यहां भग्गू नाम के व्यक्ति के यहां पांच लोग आये थे। इन्होंने ईसा मसीह के पोस्टर लगा रखे थे और मौजूद लोगों से कह रहे थे हमारे यीशु सब काम करते हैं। इन्होंने ईसाई धर्म का गुणगान किया और ईसाइ धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया। इसके लिए रुपये व खाने-पीने के सामान का लालच भी दिया गया। इसके बाद आरोपितों ने सनातन धर्म व देवी-देवताओं पर अपमानजनक टीका-टिप्पणी शुरू कर दी।
हिन्दू धर्म के बारे में की अपमानजनक बातें

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आरोपियों ने कहा कि कहा आपके घरों में जो भगवान के फोटो लगे हैं जैसे हनुमान, दुर्गा देवी, भोलेनाथ, श्रीराम, इनके फोटो मत लगाओ, इनको घर से निकालकर फेंक दो। इनको लगाने से कुछ नहीं होता, ये कभी किसी की रक्षा नहीं करते। जब श्रीराम अपनी पत्नी की रक्षा नहीं कर पाये तो आपकी क्या रक्षा करेंगे। अगर यह सब भगवान होते तो रोज इतनी अनहोनी घटनाएं हो रही हैं, उनको वह बचाते। ईसाई धर्म में प्रशु यीशु सबकी रक्षा करते हैं। सबके कार्य भी उनकी प्रार्थना करने से पूरे होते हैं।

दूसरा धर्म अपनाने के लिए दिया लालच

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आप सब लोग सनातन धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लो। ऐसा करने पर सभी लोगों को फ्री में उपचार करवायेंगे, आपके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ायेंगे। जो भी व्यक्ति ईसाई बनेगा उसे 50-50 हजार रुपये देंगे। लोगों ने बातों का विरोध किया तो विवाद करने लगे, इसके बाद गांव के अन्य लोग एकजुट हो गए। इस दौरान एक आरोपित भाग निकला, शेष को लोगों ने पुलिस के हवाले किया।
इन पर दर्ज हुआ केस

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सोनकच्छ पुलिस के अनुसार आरोपित मंजू पुत्री जगरामा निवासी डांगराखेड़ा बागली, किरण निवासी इमलीपुरा, बागली, आदर्शनगर बागली की एक किशोरी, बेरी फाटा बागली का एक किशोर व मिथुन के विरुद्ध मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5 के तहत केस दर्ज किया गया है। मिथुन मौके से फरार हो गया था, उसकी तलाश की जा रही है। सोनकच्छ थाना टीआइ अभिनव शुक्ला ने बताया हिरासत में लिये गए आरोपितों से पूछताछ की जा रही है।

मामले में पुलिस ने तीन युवतियों किरण (ईमलीपुरा), माहिदा (आदर्श नगर बागली) और मजु (डागराखेड़ा) तथा दो युवकों सचिन (बेरी फाटा) और मिथुन (सोनकच्छ) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से चार को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी मिथुन मौके से फरार हो गया। यह कार्रवाई हिंदू संगठनों के प्रयासों के बाद संभव हो सकी। फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण है और पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।

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