सागर जिले के 308 गांवों में पहुंचा नल से स्वच्छ जल

मड़िया समूह जल प्रदाय योजना बनी ग्रामीण जीवन में बदलाव की मिसाल

भोपाल 
ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ सागर जिले के राहतगढ़ विकासखण्ड के मड़िया समूह जल प्रदाय योजना ने सागर जिले में विकास की नई धारा प्रवाहित की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत 336.02 करोड़ रूपये है, जिससे जिले के 308 गांवों के 18 हजार 970 परिवारों को प्रतिदिन नल से स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लगभग 1 लाख 20 हजार 970 ग्रामीण सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। यह योजना ‘जल जीवन मिशन’ के उद्देश्यों को साकार करते हुए प्रदेश में हर घर जल के विज़न को सशक्त बना रही है।

इस योजना के लागू होने से पहले कई गांव पेयजल संकट और दूषित स्रोतों पर निर्भरता जैसी समस्याओं से जूझ रहे थे। महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और श्रम की बड़ी खपत होती थी। अब घर-घर तक पहुंच रही शुद्ध जल आपूर्ति ने इन कठिनाइयों को समाप्त कर दिया है, साथ ही जलजनित रोगों के खतरे में भी उल्लेखनीय कमी आई है।

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मडिया समूह जल प्रदाय योजना का क्रियान्वयन आधुनिक तकनीकी ढांचे के साथ किया गया है। इसमें व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, उच्च क्षमता वाले जल भंडारण टैंक, पंपिंग स्टेशन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र शामिल हैं, जो प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 55 लीटर की मानक आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। यह व्यवस्था वर्षभर सुचारू जल आपूर्ति को बनाए रखने के लिए डिज़ाइन की गई है।

यह परियोजना सिर्फ पेयजल आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य और स्वच्छता में सुधार की दिशा में एक निर्णायक कदम है। इससे गांवों में सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

मड़िया समूह जल प्रदाय योजना सागर जिले के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है। सुनियोजित योजना, पर्याप्त निवेश और समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है।