अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर ढरके लामा के विरूद्ध इंटरपोल मुख्यालय फ्रांस द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये किये जा रहे समग्र प्रयासों के अंतर्गत्त स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स द्वारा देश विदेश की कानून प्रवर्ततन संस्था इंटरपोल से समन्वय स्थापित कर अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर विदेशी नागरिक ढरके लामा उर्फ टरके लामा पिता शीरिंग कुंगा लामा निवासी हुमला नेपाल की गिरफ्तारी के लिये इंटरपोल मुख्यालय फ्रांस द्वारा रेड कार्नर नोटिस जारी किया गया है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) ने बताया कि उक्त आरोपी विगत 10 वर्षों से फरार है, जिसके विरूद्ध सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, नर्मदापुरम में बाघ के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों की चीन में अवैध तस्करी संबंधी प्रकरण 13 जुलाई 2015 दर्ज किया गया था प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुये स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को विवेचना के लिये हस्तांतरित किया गया था। एसटीएसएफ ने उक्त प्रकरण में कार्यवाही करते हुये संगठित गिरोह के कुल 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रकरण की विस्तृत सुनवाई के बाद दिसंबर-2022 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम (होशंगाबाद) ने 29 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 7.10 लाख अर्थदण्ड से दण्डित करने की सजा सुनाई गयी।

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प्रकरण में अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर ताशी शेरपा को नौ वर्ष उपरांत, विगत वर्ष 24 जनवरी 2024 को भारत एवं नेपाल की अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार किया गया। प्रकरण की सटीक विवेचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 9 मई 2025 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नर्मदापुरम ने ताशी शेरपा को 5 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। यह मामला एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों, कूरियर, बिचौलिये और तस्करों सहित 28 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया और दोषी ठहराया गया। एसटीएसएफ ने प्रकरण में वैज्ञानिक विवेचना करते हुए आरोपियों के ब्रेन मैपिंग और नार्को एनालिसिस परीक्षण करवाये, जिससे उसके खिलाफ महत्वपूर्ण सबूत मिले। इसके अतिरिक्त, सायबर डेटा भी एकत्र कर न्यायालय में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में पेश किया। जांच के दौरान, एसटीएसएफ ने इंटरपोल, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से सहायता भी प्राप्त की।

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इंटरपोल, जिसे आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (ICPO-Interpol) कहा जाता है, एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो 195 से अधिक देशों ने मिलकर बनाया है। यह दुनिया भर में पुलिस एवं अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सहयोग और अपराध नियंत्रण की सुविधा प्रदान करता है। इंटरपोल द्वारा 04 बार एसटीएसएफ के कार्यों की सराहना की जा चुकी है।