सिरोही में करोड़ों की ड्रग लैब का भंडाफोड़, एमडी बनाने का सामान बरामद

सिरोही

सिरोही जिले के रेवदर थाना क्षेत्र के दांतराई गांव के पास एक कृषि कुएं पर पुलिस, एनडीपीएस, एनसीबी और एफएसएल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये कीमत की मादक पदार्थ (एमडी) बनाने में उपयोग होने वाली सामग्री और लैब उपकरण जब्त किए हैं। कार्रवाई के दौरान वहां तैयारियां चल रही थीं, जिससे प्रतीत होता है कि नशे का बड़ा कारोबार शुरू करने की योजना थी। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को नामजद कर अग्रिम जांच शुरू कर दी है।

खेत में बनी गुप्त लैब पर छापा
जानकारी के अनुसार, रेवदर थानाधिकारी सीताराम के नेतृत्व में एनसीबी जोधपुर के इंटेलिजेंस ऑफिसर शिवनारायण, गांधीनगर सेंटर फॉर एक्सीलेंस के डिप्टी डायरेक्टर अजय सोनी और एनडीपीएस टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा। यह कार्रवाई जोधाराम पुत्र केवलाजी पुरोहित निवासी आमपुरा, रानीवाड़ा (जालोर) के खेत पर स्थित कृषि कुएं के पास बने मकान में की गई। टीम को वहां एमडी ड्रग निर्माण के लिए रखी गई रासायनिक सामग्री और लैब उपकरणों का बड़ा जखीरा मिला। पुलिस के अनुसार, यह सामग्री नशे के कारोबार की शुरुआत से पहले एकत्र की गई थी।
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बंद मकान से मिला बड़ी मात्रा में केमिकल
सूत्रों के अनुसार, 4 नवंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई के दौरान मकान के ताले तोड़कर तलाशी ली गई। एक कमरे में 35 जरी कैन, 8 बड़े ड्रम, कई प्लास्टिक कैन, कांच की बोतलें, पाउडर से भरे कट्टे और अन्य रासायनिक पदार्थ मिले जिन पर किसी कंपनी या ब्रांड का नाम नहीं था। मौके से हीटिंग मशीन, विभिन्न आकार के जार, थर्मामीटर, राउंड बॉटम फ्लास्क, नोजल्स, मैग्नेटिक स्टिरर और अन्य प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में यह सभी सामग्री मादक पदार्थ (एमडी) निर्माण में उपयोगी पाई गई।
 
एनसीबी और एफएसएल ने की वैज्ञानिक जांच
5 नवंबर को एनसीबी टीम जोधपुर और 6 नवंबर को गांधीनगर की एनडीपीएस टीम मौके पर पहुंची। वैज्ञानिक जांच में यह पुष्टि हुई कि बरामद की गई सामग्री एमडी ड्रग तैयार करने के लिए उपयुक्त और उपयोगी थी। सभी जब्त उपकरण और केमिकल फिलहाल जांच टीमों के कब्जे में हैं।
 
आरोपी की पहचान, ठेके पर ली थी जमीन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह खेत जोधाराम पुरोहित का है, जिसे उसने भावेश उर्फ भूराराम पुत्र डालूराम जाट निवासी पायला खुर्द (बालोतरा) को ठेके पर दिया था। आरोपी भावेश ने यहां एमडी बनाने की तैयारी में प्रयोगशाला जैसी व्यवस्था कर रखी थी। पुलिस के मजबूत मुखबिर तंत्र और समय पर कार्रवाई के चलते इस बड़े नशे के नेटवर्क को सक्रिय होने से पहले ही रोक लिया गया। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर एनसीबी टीम आगे की जांच में जुटी है।

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