Diesel Price Hike: डीजल हुआ 81% तक महंगा, US-Iran युद्ध का असर, इन देशों में मचा हाहाकार

नई दिल्ली

अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत से ही दुनिया सहमी हुई है और हर बीतते दिन के साथ ग्लोबल टेंशन बढ़ती ही जा रही है. मिडिल की ये जंग अब पांचवे हफ्ते में एंट्री ले चुकी है और पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत तमाम देशों में तेल-गैस संकट गहरा गया है. इस दौरान कई देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक बड़ा इजाफा किया जा चुका है. अगर बात करें, डीजल की तो इसकी कीमतों में 81% तक की बढ़ोतरी सिर्फ युद्ध के दौरान ही देखने को मिली है. आइए जानते हैं कहां-कहां कितना महंगा हुआ डीजल?

वैश्विक ईंधन संकट (Global Fuel Crisis) बढ़ता ही जा रही है. अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध से तेल बाजारों में उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है. क्रूड की कीमत में सोमवार को एक बार फिर अचानक बढ़ा उछाल आया है और Brent Crude Price 116 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है. लगातार क्रूड प्राइस में जारी तेजी का असर कई देशों में देखने को मिला और Petrol के दाम बढ़ने के साथ ही डीजल की कीमतों में तो 81% तक की वृद्धि हुई है।

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क्रूड आसमान पर, पेट्रोल-डीजल पर मार
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर पहली बार बीते 28 फरवरी को स्ट्राइक की थी, जिसके जबाव में ईरान ने भी जोरदार मिसाइट अटैक किए और युद्ध बढ़ता चला गया, जो अब तक जारी है. इस जंग में होर्मुज बंद होने, तेल के टैंकरों पर अटैक ने कच्चे तेल की कीमतों में तेज इजाफा कर दिया और Crude Oil Price आसमान पर पहुंच गई. दरअसल, पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) कच्चे तेल से परिष्कृत होते हैं, ऐसे में क्रूड महंगा होने के चलते कई देशों में पेट्रोल और डीजल की लागत में भारी वृद्धि हुई है और इनके प्राइस बढ़ा दिए गए।

एनर्जी सप्लाई चेन में रुकावटों के चलते तेल बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और इससे दुनियाभर की अर्थव्यस्थाएं प्रभावित नजर आ रही हैं. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है. इससे महंगाई का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. Pakistan, फिलिपींस, नाइजीरिया जैसे देशों में तो बुरा हाल है।

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एशियाई देशों में डीजल इतना महंगा
IBC Group के सीईओ और फाउंडर मारियो नौफल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर आंकड़े शेयर करते हुए US-Iran संघर्ष की शुरुआत के बाद एशियाई देशों में डीजल की कीमतों में इजाफे की तस्वीर साफ की है. डीजल की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी फिलीपींस में दिखी, जहां ये युद्ध के बाद से 81.6% महंगा हुआ है. इसके बाद मलेशिया का स्थान रहा और यहां Diesel Price में 57.9% की वृद्धि हुई, जबकि वियतनाम में डीजल 45.9% महंगा हो चुका है।

अन्य एशियाई देशों में भी डीजल की कीमतों में तगड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इनमें सिंगापुर में डीजल प्राइस 44%, चीन में 25.4%, साउथ कोरिया में 15.1% और जापान में 14% इजाफा शामिल है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि एनर्जी आयात पर निर्भर एशियाई देशों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं।

कुछ विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में भी ईरान युद्ध से गहराए इस Fuel Crisis का बुरा असर देखने को मिल रहा है. नाइजीरिया में डीजल की कीमतों में 78.3% की भारी वृद्धि हुई, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज इजाफे में एक है. इसके अलावा श्रीलंका में डीज का दाम 37.2% बढ़ चुका है. पहले से ही संकट के दौर से गुजर रहीं इन इकोनॉमी पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। 

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US-कनाडा में भी दिखा असर 
न सिर्फ एशियाई देश, बल्कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका भी मिडिल ईस्ट युद्द के चलते दबाव महसूस कर रहे हैं. कई पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में डीजल की कीमतों में काफी तेजी आई है. अमेरिका में डीजल की कीमतों (US Diesel Price Hike) में 41.2% की बढ़ोतरी हो चुकी है, तो वहीं कनाडा में कीमत 36.9% उछली है. जर्मनी में डीजल की कीमत में 30.9%, फ्रांस में 27.8%, यूके में 18% और इटली में 14.9% का इजाफा हुआ है. यूक्रेन में भी हाल-बेहाल है और यहां डीजल 33.9% महंगा हुआ है।