2026 में अब तक 73,000 कर्मचारियों को निकाल चुकीं टेक कंपनियां, जानें इसके पीछे की वजह

   नई दिल्ली

दुनिया भर की टेक कंपनियों में इस समय एक बड़ा बदलाव चल रहा है और इसका सबसे बड़ा असर नौकरियों पर दिख रहा है. 2026 की शुरुआत से अब तक 73,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा चुकी है. यह आंकड़ा सिर्फ एक-दो कंपनियों का नहीं, बल्कि करीब 90 से ज्यादा टेक कंपनियों का है। 

सबसे बड़ी बात यह है कि यह सिर्फ एक नॉर्मल फायरिंग नहीं है. इसे टेक इंडस्ट्री का रीसेट कहा जा रहा है. कई कंपनियां सिर्फ AI के नाम पर ही छंटनी कर रही हैं. यानी कंपनियां अपने काम करने का तरीका बदल रही हैं और उसी के हिसाब से कर्मचारियों की जरूरत भी बदल रही है। 

इस पूरे बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI. पहले जिन कामों के लिए बड़ी टीम की जरूरत होती थी, अब वही काम AI टूल्स की मदद से कम लोगों में हो रहा है. कंपनियां अब ज्यादा तेज, सस्ती और इफिशिएंट बनने की कोशिश कर रही हैं। 

Meta से लेकर Oracle तक..
अगर इस आंकड़े को ध्यान से समझें, तो सबसे पहले नजर जाती है Meta Platforms पर. रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta करीब 8,000 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी में है. यह उसकी कुल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत हिस्सा माना जा रहा है। 

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यह छंटनी एक ही बार में नहीं, बल्कि अलग-अलग फेज में की जा रही है, जिससे साफ है कि कंपनी लंबे समय के लिए अपने खर्च को कम करना चाहती है। 

इसके बाद बात आती है ऐमेजॉन की, जहां पिछले कुछ महीनों में बड़ी संख्या में नौकरियां कम की गई हैं. रिपोर्ट्स में यह संख्या करीब 30,000 तक बताई जा रही है। 

ऐमेजॉन का यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि यह अकेले इस पूरे 73,000 के आंकड़े का बड़ा हिस्सा कवर करता है. इसी तरह Block Inc. ने भी करीब 4,000 कर्मचारियों को हटाया है. कंपनी ने अपने बिजनेस को लीन बनाने और खर्च कम करने के लिए यह फैसला लिया। सोशल मीडिया कंपनी Snap Inc. ने भी करीब 1,000 कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया है. Snap ने साफ कहा है कि वह AI और ऑटोमेशन पर ज्यादा फोकस कर रही है, जिससे कुछ रोल्स की जरूरत कम हो गई है। 

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Oracle ने हाल ही में की है छंटनी
इन बड़ी कंपनियों के अलावा Oracle और दूसरी कई टेक कंपनियों में भी हजारों की संख्या में कटौती की गई है, हालांकि हर कंपनी ने सटीक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं. हाल ही में ओरैकल ने भारत से ही 10 हजार लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया और आगे चल कर 20,000 और जॉब्स जा सकती हैं। 

अब अगर इन सभी को एक साथ देखें, तो तस्वीर साफ हो जाती है. Amazon के करीब 30,000, Meta के लगभग 8,000, Block के 4,000 और Snap के 1,000 के साथ बाकी 80-90 कंपनियों में हुई छोटी-बड़ी छंटनी मिलाकर कुल आंकड़ा 73,000 के पार पहुंच जाता है. इसमें ओरैकल द्वाारा फायर किए गए लोग भी हैं। 

यह भी समझना जरूरी है कि यह सिर्फ उन नौकरियों का आंकड़ा है जो आधिकारिक तौर पर सामने आए हैं. कई कंपनियां बिना ऐलान के भी टीम कम कर रही हैं, हायरिंग रोक रही हैं या कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर रही हैं. ऐसे मामलों को जोड़ दिया जाए, तो असली संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। 

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कोरोना में हुई ज्यादा हायरिंग?
इस पूरे ट्रेंड के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं. सबसे पहले, कोरोना के समय कंपनियों ने बहुत तेजी से हायरिंग की थी. उस समय डिजिटल सर्विसेज की मांग बढ़ी थी, लेकिन अब ग्रोथ धीमी हो गई है. ऐसे में कंपनियां एक्स्ट्रा स्टाफ को कम कर रही हैं। 

दूसरा बड़ी वजह है खर्च कम करना. ग्लोबल इकॉनमी लगातार बदल रही है, महंगाई और निवेश में कमी ने कंपनियों को ज्यादा सतर्क बना दिया है. अब वे हर खर्च को ध्यान से देख रही हैं और जहां जरूरत नहीं है, वहां कटौती कर रही हैं। 

तीसरा और सबसे बड़ा कारण है AI का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल. अब कंपनियां यह समझ चुकी हैं कि कई काम मशीन से कराए जा सकते हैं. इससे उन्हें कम लोगों में ज्यादा काम करने का मौका मिल रहा है।