जांजगीर जिला के पामगढ़ में ग्राम डोंगा कहरौद सड़क निर्माण को लेकर पिछले 5 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों देर रात अपना अनशन वापस ले लिया है। प्रशासन ने उन्हें चार बिंदुओं पर लिखित तौर पर आश्वासन दिया है। ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे हैं आमरण अनशन को देखते हुए पूरे गांव के लोग भारी बारिश के बीच पामगढ़ के मुख्य मार्ग पर लगभग 8 घंटे तक चक्का जाम किए थे।
जांजगीर से तीन जिलों को जोड़ते हुए राजधानी रायपुर पहुंचने वाली मार्ग में महज 5 किलोमीटर की सड़क इतनी जर्जर हो गई है कि आए दिन वहां छोटी बड़ी दुर्घटनाएं हो रही है। ग्रामीणों को यहां से निकलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर छोटे-छोटे बच्चे जो शिक्षक के लिए पामगढ़ या गांव के स्कूल में जाते हैं। पिछले एक दशक से लगातार ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। हर साल ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा आश्वासन देकर शांत कर दिया जाता था। लेकिन इस बार ग्रामीण आक्रामक तरीके से अपने आंदोलन को जारी रखें। नतीजा यह निकला की प्रशासन द्वारा इस बार लिखित में आश्वासन को देना पड़ा।

प्रशासन ने कहा कि
रोड मरम्मत का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा ग्राम वासी के साथ समन्वय में शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा इसके लिए 34 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है।
कार्य की स्वीकृति प्राप्त होने के उपरांत टेंडर की प्रक्रिया अभिलंब शुरू की जाएगी।
सड़क की परिधि में 21 खातेदार जो अन्य ग्राम के हैं उनके खातों से भूमि त्यजन हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों के सहयोग से किया जाएगा।
उक्त मार्ग पर सुबह 6:00 बजे से रात 8:00 बजे तक भारी माल वाहक वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा।

प्रशासन द्वारा मिले इन आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और अपना आमरण अनशन खत्म किया। आपको बता दे कि इस अनशन के दौरान तीन ग्रामीणों की तबीयत खराब हुई है जिसमें एक ग्रामीण की तबीयत गंभीर बनी हुई है उसका उपचार जारी है। ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे हैं आमरण अनशन को देखते हुए पूरे गांव के लोग भारी बारिश के बीच पामगढ़ के मुख्य मार्ग पर लगभग 8 घंटे तक चक्का जाम किए थे।
