जांजगीर जिला के पामगढ़ में आज सुबह से बरसते पानी में सड़क पर बैठे ग्रामीणों ने 8 घंटे बाद प्रशासन से कुछ मिले आश्वासन के बाद सड़क छोड़ने को राजी हुए। जबकि अनशन पर बैठे लोगों को मनाने की जद्दोजहद अभी जारी है। प्रशासन ने तत्काल सड़क सुधारने के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखित में दे दिया है।
आपको बता दें की सड़क निर्माण को लेकर आज सुबह से डोंगाकोहरौद के ग्रामीण पामगढ़ के मुख्य मार्ग पर बरसते पानी में सड़क पर बैठ गए थे। जिसकी वजह से यातायात पूरी तरह से बंद था। देर शाम प्रशासन की ओर से आए आश्वासन के बाद आखिरकार ग्रामीणों ने चक्का जाम वापस लिया। जिसके बाद सड़क को आम लोगों के लिए खोला गया|
जिला प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई लंबी बातचीत के बाद सहमति बनी, प्रशासन ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए 34 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, प्रशासकीय स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी और बारिश समाप्त होते ही सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। साथ ही सड़क पर भारी वाहनों के प्रवेश पर भी रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि जब तक नया रोड निर्माण नहीं हो जाता उसे समय बारिश में लोगों को दिक्कत ना हो इसके लिए सड़कों पर जितने भी गड्ढे बने हुए हैं उसमें रिपेयरिंग का काम कराएंगे। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जल्द ही मिल जाएगी इसके बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। रिपेयरिंग कार्य के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखित में दे दिया गया है।
बहरहाल हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी इसी आश्वासन के साथ आंदोलन को ग्रामीणों ने समाप्त किया है कि जल्द ही सड़क का निर्माण किया जाएगा साथ ही सड़क में बने गड्ढे को रिपेयरिंग के माध्यम से ठीक कर दिया जाएगा। लेकिन यह आश्वासन पिछले एक दशक से मिल रहा है। रिपेयरिंग के नाम पर गड्ढों में केवल बजरी डाल दिया जाता है इसके बाद हालात जस की तस रहती है। अब देखना है कि इस साल मिले आश्वासन के बाद इस रोड की कायाकल्प होती है कि नहीं।