PM मोदी ने गालियां देने वाले बच्चों को किया माफ, सुनील लहरी बोले- हम भाग्यशाली हैं

नई दिल्ली

रामायण की चर्चा इन दिनों हर तरफ है क्योंकि दीवाली 2026 में 4000 करोड़ी रामायणम् आने वाली है, जिसका निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है. वहीं रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी अहम किरदार में हैं. जबकि दूरदर्शन की रामायण में राम की भूमिका निभाने वाले एक्टर अरुण गोविल भी इसमें राजा दशरथ की भूमिका निभाते हुए नजर आ रहे हैं. इसकी झलक हाल ही में ट्रेलर में नजर आई. वहीं सोशल मीडिया पर सेलेब्स और इंटरनेट यूजर्स ने रिएक्शन दिया. लेकिन अब रामानंद सागर की रामायण के लक्ष्मण के सुनील लहरी का 4000 करोड़ी रामायणम् के ट्रेलर पर रिएक्शन सामने नहीं आया है, जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. लेकिन सुनील लहरी ने अब एक नया वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह पीएम मोदी का जिक्र कर रहे हैं। 

सुनील लहरी ने शेयर किया वीडियो
रामायणम् के ट्रेलर पर रिएक्शन देने की बजाय एक्टर सुनील लहरी ने वीडियो शेयर किया और कैप्शन में लिखा, हम भाग्यशाली हैं कि हमारे देश के ऐसे दयालु प्रधानमंत्री हैं जो विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनको उनकी माता जी और सेना के खिलाफ बुरे शब्द कहने वालों को माफ कर दिया. वहीं वीडियो में वह प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए नजर आ रहे हैं। 

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पीएम मोदी ने शेयर किया था वीडियो
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए जंतर-मंतर पर हुई घटना पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसे पूरे देश और दुनिया ने देखा. प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ "शरारती बच्चों" ने बेहद अभद्र और असभ्य भाषा का प्रयोग किया, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा नहीं देता. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से गालियां दी गईं और उनकी दिवंगत माता के लिए भी अत्यंत आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि घटना का स्वरूप बेहद दुखद था, लेकिन वह इस मुद्दे पर किसी के प्रति कटुता नहीं, बल्कि सुधार और सकारात्मक सोच के साथ बात करना चाहते हैं। 

जेन जी के बारे में कही ये बात 
पीएम मोदी ने कहा कि बचपन में गलतियां होना स्वाभाविक है और बचपन की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि उसमें गलतियों को सुधारने का अवसर भी होता है. उन्होंने कहा कि समाज के भीतर इस घटना को लेकर जो आक्रोश है, उसे वह भली-भांति समझ सकते हैं. उनके अनुसार, यह एक "कल्चरल शॉक" है कि देश की बेटियां इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर सकती हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय इन बच्चों को गले लगाकर उन्हें सही रास्ता दिखाने का है. उन्होंने कहा कि ये गुमराह बच्चे हैं और उन्हें सही दिशा देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि इन बच्चों को सजा देना, अदालतों के चक्कर कटवाना या समाज में प्रताड़ित करना परिस्थितियों को नहीं बदल सकता. गुमराह लोगों को सही राह दिखाना आसान काम नहीं होता, लेकिन कठिन कार्यों को ही करने का संकल्प लेना चाहिए. उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे अपनी गलतियों से सीखें, कुछ नया सीखें और देश के विकास की यात्रा में सहभागी बनें। 

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