सीने में हल्के दर्द को ना ले हल्के में, जाने किस चीज की है चेतावनी, कहीं हो सकता है कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का संकेत

High Cholesterol Signs: हाई कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसे अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि यह शुरुआती चरणों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता है। हालांकि जब कोलेस्ट्रॉल का लेवल बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और फैट धमनियों में जमा होने लगती है, तो शरीर कुछ सूक्ष्म चेतावनी संकेत देना शुरू कर देता है। इनमें से एक चेतावनी है सीने में हल्का दर्द या बेचैनी।

यह दर्द तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त खून नहीं मिल पाता, क्योंकि धमनियों में फैट जमाव के कारण रुकावट पैदा हो रही होती है। इसे एनजाइना कहा जाता है। अगर आप सीने में हल्के दर्द के साथ-साथ कुछ अन्य शारीरिक लक्षण भी महसूस कर रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा खतरे के निशान को पार कर चुकी है।

आइए इस लेख में ऐसे ही चार लक्षणों के बारे में जानते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह स्थिति हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को तेजी से बढ़ाती है। समय पर पहचान और जीवनशैली में बदलाव से इस गंभीर खतरे को टाला जा सकता है।

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हाथों और पैरों में सुन्नपन

हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण रक्त वाहिकाओं में फैट जमा हो जाती है, जिससे रक्त का संचार धीमा पड़ जाता है। जब हाथ और पैरों की छोटी धमनियों में रक्त का प्रवाह कम होता है, तो उन्हें पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। इसी कारण हाथों और पैरों में सुन्नपन, झुनझुनी या ऐंठन महसूस हो सकती है, खासकर रात के समय। इसे अक्सर पेरिफेरल आर्टरी डिजीज का संकेत माना जाता है, जो सीधे कोलेस्ट्रॉल जमाव से जुड़ी है।

 

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आंखों के आसपास पीले जमाव

कोलेस्ट्रॉल का स्तर बहुत अधिक बढ़ने पर, इसके जमाव आंखों के आसपास दिखाई देने लगते हैं। आंखों की ऊपरी या निचली पलकों पर पीले रंग के हल्के उभार या गांठें बन जाती हैं, जिन्हें जैंथेलाज्मा कहा जाता है। यह स्पष्ट रूप से हाई कोलेस्ट्रॉल का शारीरिक संकेत होता है, जिसे त्वचा विशेषज्ञ या डॉक्टर तुरंत पहचान सकते हैं।

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थकान और सांस फूलना

कमजोर रक्त संचार का सीधा परिणाम थकान होती है। जब धमनियों में रुकावट होती है, तो हृदय को शरीर के अंगों तक रक्त पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस अतिरिक्त प्रयास के कारण व्यक्ति को लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है। इसके अलावा, तेज चलने या सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने की समस्या भी महसूस हो सकती है।

 

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पैरों में दर्द या त्वचा का बदलाव

लंबे समय तक ब्लड फ्लो खराब रहने से पैरों पर इसका असर दिखता है। पैरों की त्वचा चमकीली, पतली या नीली पड़ सकती है। पुरुषों में, यह स्थिति पैरों में गंभीर दर्द (जो आराम करने पर ठीक हो जाता है) या नाखूनों का मोटा होना भी पैदा कर सकती है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

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अस्वीकरण:  इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।  लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

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