Education Loan पर बड़ा फैसला : केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट अगले साल तक लोन बांटने की रफ्तार को दोगुना करना है। इसके लिए अब बैंकों को 10 दिन के भीतर लोन फाइनल करना होगा। बैंक खुद 50 हजार कॉलेजों में जाकर कैंप लगाएंगे। साथ ही, बिना कुछ गिरवी रखे ज्यादा रकम का लोन देने और ब्याज में सब्सिडी देने की भी तैयारी है।
शिक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय मिलकर रोडमैप तैयार कर रहे हैं। इसमें राज्यों के शिक्षा विभागों, बैंक कमिटियों और उच्च शिक्षण संस्थानों को भी शामिल किया गया है। इसका मकसद छात्रों के लिए लोन लेना आसान बनाना है। बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 39,000 करोड़ रुपये के एजुकेशन लोन बांटे थे।

Education Loan पर बड़ा फैसला, अब 10 दिन में पास होगा लोन
एक अधिकारी ने TOI को बताया, करीब 50,000 बड़े कॉलेजों-संस्थानों में बैंक कैंप लगाएंगे ताकि छात्रों को मौके पर ही लोन मिल सके। बैंकों को निर्देश है कि वे लोन की प्रक्रिया को घटाकर 10 दिन तक लाएं। मतलब, आवेदन के 10 दिन के भीतर लोन फाइनल हो जाना चाहिए।
Education Loan पर बड़ा फैसला, छात्रों के लिए राहत
10 दिन: लोन पास करने की नई समय सीमा का लक्ष्य।
50,000: कॉलेजों में बैंक कैंप लगाकर लोन देंगे।
7.5 लाख: वर्तमान में बिना गारंटी वाले (कोलैटरल फ्री) लोन सीमा।
20 लाख रुपये: संसदीय समिति द्वारा सुझाई गई नई गारंटी सीमा।
3,600 करोड़ रुपये: पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के लिए ब्याज सब्सिडी का बजट (2024-31)।
39,000 करोड़ रुपये: वित्त वर्ष 2025-26 में कुल बांटे गए लोन।
3,80,000: वित्त वर्ष 2025-26 में मंजूर किए गए कुल आवेदन।
Education Loan पर बड़ा फैसला,क्या है सरकार की योजना?
फिलहाल, नैशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी की क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फॉर एजुकेशन लोन्स (CGFSEL) के तहत 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर 75% की गारंटी मिलती है। दिसंबर 2025 में एक संसदीय समिति ने इसे 20 लाख रुपये तक करने की सिफारिश की थी। मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना (PMVLS) के तहत साल 2024-25 से 2030-31 के बीच व्याज में छूट (सब्सिडी) देने के लिए 3,600 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
Education Loan पर बड़ा फैसला,छोटे-मोटे चार्ज भी नहीं लगेंगे
बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि करीब 1.000 ऐसे संस्थानों की पहचान पहले ही की जा चुकी है, जहां छात्रों को हाथों-हाथ लोन की सुविधा दी जा रही है। उन्होने बताया कि कुछ मामलों में बैंक दूसरे छोटे-मोटे चार्ज भी माफ कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 3,80,000 से ज्यादा एजुकेशन लोन मंजूर किए गए थे।
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Education Loan पर बड़ा फैसला,गारंटी कवर बढ़ाने पर विचार
सरकार बिना कुछ गिरवी रखे (कोलैटरल-फ्री) मिलने वाले लोन के लिए गारंटी कवर बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। इससे बैंक 7.5 लाख रुपये की मौजूदा सीमा से ज्यादा का लोन बिना किसी गारंटी के दे सकेंगे। इस स्कीम के तहत ब्याज दरें भी एक तय सीमा (बेंचमार्क लेंडिंग रेट 50 बेसिस पॉइंट्स) के भीतर रखी गई है। अधिकारी ने कहा कि जिन लोन पर गारंटी कवर मिलता है, उनमें अब साथ में किसी सह आवेदक की शर्त को हटाने पर भी विचार हो रहा है।
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