सरकार बेच रही LIC की हिस्‍सेदारी, 382 रुपये में बने पार्टनर, आज से ऑफर फॉर सेल, ये रही पूरी डिटेल

LIC Disinvestment: देश की सबसे बड़ी इंश्‍योरेंस कंपनी LIC यानी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन में पार्टनर बनने का मौका है. आज मंगलवार है और आज ही से LIC में ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) शुरू हो रहा है. सरकार इसके जरिए कंपनी में 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है. इसके लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर रखा गया है. ये सोमवार को BSE पर LIC शेयरों के 424.35 रुपये के क्लोजिंग प्राइस से 10% कम है.

OFS का ये इश्यू नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए आज मंगलवार को और रिटेल निवेशकों के लिए बुधवार को खुलेगा. LIC में 6.5% हिस्सेदारी के तहत कुल 82.22 करोड़ से ज्‍यादा शेयर आते हैं. अगर ये इश्‍यू फुल्‍ली सब्‍सक्राइब होता है तो 382 रुपये के फ्लोर प्राइस पर सरकार को इस विनिवेश (Disinvestment) से करीब 31,000 करोड़ रुपये मिलेंगे.

DIPAM सेक्रेटरी ने दी जानकारी

डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सेक्रेटरी अरुणिश चावला ने ‘X’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सरकार 2.5 प्रतिशत इक्विटी बेचने का ऑफर दे रही है, साथ ही ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ के तहत अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का भी विकल्प है.’  ये बिक्री LIC को मार्केट रेगुलेटर SEBI की ओर से तय न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की जरूरत को समय से पहले पूरा करने में मदद करेगी.

 

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सरकार के पास कितनी हिस्‍सेदारी?

अभी सरकार के पास LIC में 96.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है. SEBI ने LIC को न्यूनतम 10 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग हासिल करने के लिए 16 मई, 2027 तक का समय दिया था. इससे पहले, मई 2022 में एक इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के ज़रिए 902-949 रुपये प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची गई थी, जिससे लगभग 21,000 करोड़ रुपये जुटाए गए थे.

LIC का मार्केट कैप अभी 5.36 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा है. सोमवार को LIC के शेयर BSE पर 424.35 रुपये पर बंद हुए, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से 0.12 प्रतिशत कम था.

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में अब तक सरकार ने सात पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स में हिस्सेदारी बेचकर और SUUTI (स्पेसिफाइड अंडरटेकिंग ऑफ द यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया) से मिली रकम के ज़रिए 21,082 करोड़ रुपये जुटाए हैं.