आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना के सांसद चंद्रशेखर आजाद ने गोंडा जाने के रास्ते में बाराबंकी में रोके जाने, धक्कामुक्की और पथराव को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। आजाद ने कहा कि लोग बोतल में पेट्रोल-डीजल लेकर घूम रहे थे और उनकी कार जलाने की तैयारी थी। उन्होंने कहा कि उनके पास इसकी पुख्ता सूचना है। आजाद ने सरकार से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है और कहा है कि जांच से पता चल जाएगा कि कौन साजिश रच रहा था। आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर कई आरोप भी लगाए। इशारों में विरोधियों को चेतावनी भी दी।
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दरअसल, गोंडा में विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने जा रहे एमपी चंद्रशेखर आजाद को यूपी पुलिस ने बाराबंकी में ही रोक दिया था। इसी दौरान पुलिस से उनकी झड़प हो गई थी। धक्कामुक्की के बीच ही कुछ बाहरी लोगों पर चंद्रशेखर आजाद के समर्थकों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा। इस दौरान उनके काफिले पर पथराव का भी आरोप है।
एक फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है। मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं। मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्या की साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में… pic.twitter.com/sNpzUo97Ul
— Aazad Samaj Party – Kanshi Ram (@AzadSamajParty) September 15, 2026
मुखर विरोध के कारण आवाज दबाने की कोशिश
चंद्रशेखर ने कहा कि चाहे आरक्षण का विरोध हो या यूजीसी का मामला हो, आजाद समाज पार्टी का चेहरा बनकर मैंने ने अकेले मुखर होकर विरोध किया है। पूरे प्रदेश में हत्याएं हो रही हैं। इसे लेकर भी हमारी पार्टी ही आंदोलित है। रामलखन मौर्य की हत्या हो या विनोद साहनी की, रमेश कोहली की हत्या हो या कौशांबी की पाल समाज की बेटी का मामला रहा हो। जहां-जहां अत्याचार हुआ आजाद समाज पार्टी की ओर से मैं मुखर रहा। सहारनपुर की मस्जिद का मामला हो या बिजनौर का मामला हो हर जगह जाकर विरोध किया और कमजोरों की आवाज उठाने का काम किया है।
विरोधियों को पलायन की चेतावनी
कहा कि जब राजनीतिक रूप से मुझे नहीं रोक पा रहे तो हत्या की साजिश रची जा रही है। सरकार इसकी जांच करा ले, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। चंद्रशेखर ने बिना किसी का नाम लिए विरोधियों को चेतावनी भी दी। कहा कि मेरी मौत आपके हाथ लिखी होगी तो हो जाएगी, लेकिन विश्वास कीजिए अगर आप कामयाब नहीं हो पाए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत दी तो आप जैसे गुंडों को पलायन करना पड़ेगा। मौत तो एक दिन आनी है, मौत से डरकर नहीं जिया जा सकता है।
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पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप
बाराबंकी में धक्कामुक्की और उनके काफिले पर पथराव को लेकर पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सांसद होने के नाते सुरक्षा में हूं, तब अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं। इस तरह की हिंसा का प्रयोग कर रहे हैं। आमना सामना कर रहे हैं और पत्थर चला रहे हैं। कहा कि पेट्रोल-डीजल बोतलों में भरकर रख रहे हैं, आग लगाने की कोशिश कर रहे हैं। जब दिन के उजाले में चुने हुए जनप्रतिनिधि जिसे सवा पांच लाख से ज्यादा वोट मिले, उसके साथ किस तरह का व्यवहार पुलिस तक कर रही है। ऐसे में स्वीकार कीजिए कि वो लोग मुझे खोज रहे थे। मेरी गाड़ी को आग लगाने के लिए हाथों में बोतले लेकर घूम रहे थे।
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