जांजगीर जिला के अकलतरा स्थित पचरी धाम में सतनामियों का पांचवा तीर्थ स्थल है| यहां पर मंदिर स्थापित है मंदिर में बरसों पुराना कलश स्थापित था। जिसे चोरों द्वारा पार कर दिया गया है। साथ ही श्रद्धालुओं के सुविधा के लिए बनाए गए बोर, नल, सिंटेक्स, लाउडस्पीकर आदि को भी नुकसान पहुंचा है। इसकी जानकारी होते ही सतनाम को मानने वाले लोगों में आक्रोश व्याप्त है उन्होंने अकलतरा थाना में सामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। लिखित शिकायत के बाद अकलतरा पुलिस ने बीएनएस की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज़ कर लिया है|
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ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार सतनाम मंदिर पचरी धाम में वर्ष 1945 से पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं आस्थागत महत्व रखता है। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मंदिर में स्थापित लगभग पांच किलोग्राम वजन का प्राचीन काशा धातु का कलश 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को चोरी हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर विश्राम सागर तालाब के समीप स्थित है। यहां धार्मिक आयोजनों और नवरात्रि पर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। आवेदन में मंदिर परिसर में पूर्व में सिंटेक्स टंकी, बड़े एलईडी बल्ब और रेलिंग को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्राचीन कलश चोरी होने की घटना से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनका आग्रह है कि पूर्व में हुई कथित तोड़फोड़ की घटनाओं की भी जांच की जाए, ताकि सभी मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र जांच शुरू करने की मांग की है। उन्होंने मंदिर परिसर और आसपास उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने, चोरी में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान करने तथा प्राचीन कलश की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करने की अपील की है।
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इसके साथ ही ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच में पूर्व की कथित घटनाओं को भी शामिल किया जाए, जिससे मंदिर परिसर में बार-बार नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायतों की सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा केवल संपत्ति की रक्षा का विषय नहीं है, बल्कि यह लोगों की आस्था और सामाजिक विश्वास से भी जुड़ी हुई है। ऐसे में पुलिस प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं में सुरक्षा और विश्वास की भावना बनी रहे। फिलहाल ग्रामीणों की नजर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्राचीन कलश की बरामदगी के लिए पुलिस क्या कदम उठाती है।
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