छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में दुर्गा दर्शन करने आए एक ही परिवार के सात सदस्यों की गुपचुप खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। रविवार देर रात सीएमडी कॉलेज मैदान में लगे मेले में गुपचुप खाने के कुछ देर बाद परिवार के सदस्यों को पेट दर्द, मरोड़ और लगातार उल्टियां होने लगीं। हालत बिगड़ने पर सभी को छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने फूड पाइजनिंग की आशंका जताई है। घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़ितों में महिलाएं, युवक और बच्चे शामिल हैं। सबसे कम उम्र का पीड़ित छह वर्षीय शिवांश साहू है।
बिलासपुर में तीन साल की मासूम बच्ची के अपहरण की कोशिश, बचाने पहुंची दादी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार, दादी की दर्दनाक मौत, आरोपी गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, ग्राम परसदा निवासी साहू परिवार रविवार की देर रात मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन करने के लिए बिलासपुर शहर आया था।परिवार के सदस्य शहर के विभिन्न दुर्गा पंडालों का भ्रमण करते हुए रात करीब 12 बजे सीएमडी कॉलेज मैदान पहुंचे। यहां मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन करने के बाद परिवार के लोग मैदान में लगे मेले में घूमने लगे। इसी दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने एक ठेले से गुपचुप खाया। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद सभी की तबीयत बिगड़ जाएगी।
बिलासपुर में चरित्र पर लांछन लगाए जाने के बाद साली ने आग लगाकर की आत्महत्या, उपचार के दौरान महिला की मौत, आरोपी जीजा गिरफ्तार
गुपचुप खाने के कुछ देर बाद शुरू हुई उल्टियां बताया जा रहा है कि गुपचुप खाने के बाद साहू परिवार के सदस्य कुछ देर तक मेले में रुके रहे। जब परिवार वापस लौटने की तैयारी कर रहा था, तभी एक-एक करके सदस्यों को पेट दर्द और मरोड़ की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते कई सदस्यों को उल्टियां शुरू हो गईं। कुछ ही देर में परिवार के सभी सात सदस्य बीमार पड़ गए। अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से मेले में मौजूद अन्य लोग भी परेशान हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना आयोजन समिति के सदस्यों को दी। इसके बाद सभी पीड़ितों को इलाज के लिए सिम्स पहुंचाया गया।
बिलासपुर में चाचा ने अपने ही भतीजे की चाकू मारकर कर दी हत्या, घटना के बाद थाने में किया सरेंडर
सिम्स में सातों लोगों का इलाज शुरू अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने सभी सात लोगों की स्वास्थ्य जांच की और उपचार प्रारंभ किया। पीड़ितों को पेट दर्द, मरोड़ और लगातार उल्टियां होने की शिकायत थी। एक ही खाद्य पदार्थ खाने के बाद समान लक्षण दिखाई देने से फूड पाइजनिंग की आशंका जताई गई। सिम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के अनुसार, गुपचुप खाने के बाद एक ही परिवार के सात लोग बीमार पड़े हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है। हालांकि, बीमारी का सटीक कारण खाद्य सामग्री की जांच और चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट से ही स्पष्ट हो सकेगा। सभी पीड़ित ग्राम परसदा के रहने वाले साहू परिवार के सदस्य बताए गए हैं।
बिलासपुर में स्कूल के सामने खड़ी कार में लगी आग, कुछ ही समय में पूरी कार जलाकर स्वाहा, मौके पर मौजूद लोगों में मची हलचल
घटना के बाद गुपचुप बनाने में इस्तेमाल किए गए पानी, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि दूषित पानी या खराब खाद्य सामग्री के कारण परिवार के सदस्य बीमार हुए होंगे। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है। खाद्य सामग्री के दूषित होने की पुष्टि प्रयोगशाला की जांच के बाद ही की जा सकेगी। जानकारी के अनुसार, संबंधित ठेले से गुपचुप के पानी और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने एकत्र किए गए हैं। इन्हें परीक्षण के लिए भेजे जाने की बात कही गई है।
बिलासपुर में गर्भवती पत्नी पर जानलेवा मारपीट, गर्भ में पल रहे शिशु की मौत, परिवार में मचा हड़कंप, आरोपी पति गिरफ्तार
नवरात्रि और त्योहारी सीजन के दौरान बिलासपुर के प्रमुख दुर्गा पंडालों और मेला स्थलों के आसपास बड़ी संख्या में खाने-पीने के ठेले लगाए जाते हैं। इन दुकानों पर गुपचुप, चाट, समोसा और अन्य फास्ट फूड खाने के लिए लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की जांच और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों की मांग है कि खाद्य सुरक्षा विभाग मेला स्थलों और प्रमुख बाजारों में खाने-पीने की दुकानों का निरीक्षण करे।
बिलासपुर में तलाक देने से इंकार करने पर पति की जमकर पिटाई, पत्नी और सास पर मामला दर्ज़, पत्नी पुलिस तो पति शिक्षक
मामला घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की जानकारी जुटाने की बात सामने आई है। जिस ठेले से परिवार ने गुपचुप खाया था, वहां इस्तेमाल की गई खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह भी पता लगाया जाना आवश्यक है कि संबंधित खाद्य सामग्री का सेवन करने वाले अन्य लोगों को भी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई है या नहीं। फिलहाल सातों पीड़ितों के उपचार पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही फूड पाइजनिंग के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
बिलासपुर में गरबा सीखने जा रही युवती के साथ दुष्कर्म, ऑटो चालक ने दिया वारदात को अंजाम, सुनसान जगह में छोड़कर आरोपी फरार
विशेषज्ञों के अनुसार, खुले में रखे खाद्य पदार्थ, दूषित पानी और लंबे समय तक बिना उचित तापमान पर रखी गई सामग्री से पेट संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। त्योहारी सीजन में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर खाने-पीने की चीजों का सेवन करते समय साफ-सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को खाने के बाद लगातार उल्टी, पेट दर्द, दस्त, तेज बुखार या कमजोरी की शिकायत होती है, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। बच्चों में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। बिलासपुर की इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों के दौरान खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की जरूरत को सामने ला दिया है।
बिलासपुर में जांजगीर की युवती से रेप, जबरदस्ती बनाया विडियो, कराया गर्भपात, शिकायत के बाद मामला दर्ज़