मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गोद में बच्चा लेकर पहुंची महिला, कहा पति से मनभर गया अब देवर से करनी है दूसरी शादी, सभी अधिकारी हैरान

यूपी के बागपत जिले से अजब-गजब मामला सामने आया है। यहां एक शादीशुदा महिला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दूसरी शादी करने को लेकर अफसरों के पास पहुंच गई। गोद में बच्चा लेकर पहुंची महिला का जवाब सुनकर अफसर दंग रह गए। महिला के साथ उसका पति भी आया था। महिला ने बताया कि उसका पति से मन भर गया अब उसे देवर पसंद है। पत्नी की इस बात का पति ने भी समर्थन कर दिया और कहा कि मेरी पत्नी को मैं नहीं मेरा छोटा भाई पसंद है। दोनों ने पंचायत में तलाक होने का भी दावा किया है।

 

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जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अधिकारियों के पास आवेदन पहुंचे हैं। इन आवेदनों की जांच चल रही है। इसी दौरान एक महिला गोद में बच्चा लेकर अफसरों के सामने पहुंच गई। महिला के साथ एक युवक भी था जो कि उसका पति था। महिला ने अफसरों के सामने अपनी मांग रखी। महिला ने कहा कि वह दूसरी शादी करना चाहती है। उसे अपने देवर के साथ शादी करनी है। दूसरी शादी की बात सुनकर अफसर दंग रह गए। अफसरों ने महिला से दूसरी शादी करने के पीछे का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसे अब देवर पसंद है। इसलिए वह देवर के साथ शादी करना चाहती है।

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अफसरों ने महिला से कहा, कि वह तो पहले से शादीशुदा है। इस पर बेझिझक होकर महिला ने कहा, दोनों का पंचायत में तलाक हो चुका है। बाकायदा महिला ने पंचायत में तलाक को लेकर लिखे गए कागज भी अफसरों के सामने रख दिए। हैरान कर देने वाली बात यह है कि पत्नी की इस की उसके पति ने भी पैरवी कर दी। पति-पत्नी दोनों ने पंचायत के पैसले को ही तलाक का आधार बताया, लेकिन सरकारी नियमों के आगे दोनों का तर्क काम नहीं आया और महिला के दूसरी शादी के आवेद को खारिज कर दिया गया।

 

 

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए 220 ऑनलाइन आवेदन अफसरों के पास पहुंचे थे। इन आवेदनों की जांच की जा रही थी। जांच के दौरान 149 जोड़ों का 25 अक्टूबर को विवाह भी संपन्न करा दिया गया है। कुछ दस्तावेजों में कमियों को देखते हुए उन्हें निरस्त भी किया जा चुका है। मीडिया से बातचीत के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बातचीत के दौरान बताया कि एक महिला का आवेदन आया था, जो अपने देवर से शादी करना चाहती थी, जांच के दौरान पता चला कि महिला अपने मौजूदा पति से कनूनी रूप से तलाक नहीं ले पाई है। इसके बाद भी वह देवर से शादी करने की बात कह रही थी। आवेदन नियम विरुद्ध होने के कारण निरस्त कर दिया गया।

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