अगर आप भी बुढ़ापे में हर महीने एक तय रकम पेंशन के तौर पर पाना चाहते हैं, तो सरकार की अटल पेंशन योजना यानी कि APY आपके लिए काम की स्कीम हो सकती है. यह योजना स्पेशलतौर पर गरीब, वंचित और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए बनाई गई है, ताकि उन्हें भी बुढ़ापे में एक भरोसेमंद सहारा मिल सके. असल में इस स्कीम को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA चलाती है, और यह नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS के बड़े दायरे का ही एक हिस्सा है. तो फिर आइए आज इस स्कीम से जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब आसान भाषा में समझते हैं.
APY का अकाउंट कैसे खुलवाएं
जी हां अगर आप अटल पेंशन योजना से जुड़ना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको उस बैंक या पोस्ट ऑफिस ब्रांच में जाना होगा जहां आपका आधार से लिंक्ड सेविंग्स अकाउंट है. अगर आपका पहले से कोई अकाउंट नहीं है, तो आप नया अकाउंट खुलवाकर आधार-केवाईसी पूरी करके भी इस स्कीम से जुड़ सकते हैं.
हालांकि एक दिलचस्प बात यह भी है कि जो लोग पहले स्वावलंबन योजना के लाभार्थी थे, उन्हें अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि अटल पेंशन योजना आने के बाद उन सभी को अपने आप नई स्कीम में शिफ्ट कर दिया गया था.
कौन कर सकता है इस स्कीम के लिए आवेदन
18 से 40 साल की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक अटल पेंशन स्कीम से जुड़ सकता है, चाहे वो नौकरी करता हो या ना करता हो, और चाहे उसकी नौकरी किसी भी तरह की हो. तो यहां तक कि अगर कोई पहले से ही NPS का सब्सक्राइबर है, तब भी वो बाकी शर्तें पूरी करने पर APY से जुड़ सकता है. इसी तरह केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग यानी PSU में काम करने वाले लोग भी इस स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं.

किन लोगों को नहीं मिलेगी इसकी पात्रता
वैसे कुछ शर्तें ऐसी हैं जिनकी वजह से लोग इस स्कीम में शामिल नहीं हो पाते. सबसे पहली बात, बिना आधार और बिना बैंक अकाउंट के आप इस योजना में एनरोल नहीं हो सकते. इसके अलावा अक्टूबर 2022 से एक नया रूल भी लागू हुआ है, जिसके तहत जो लोग इनकम टैक्स भरते हैं, वे इस स्कीम के लिए अपात्र माने जाते हैं.
जी हां यह स्कीम आधार एक्ट के सेक्शन 7 के दायरे में आती है, जिसके मुताबिक जिन लोगों को पेंशन जैसे फायदे मिलने हैं, उन्हें आधार होने का सबूत देना होगा या फिर आधार के लिए एनरोल कराना होगा. साथ ही, पोस्ट ऑफिस या बैंक में सेविंग्स अकाउंट होना भी अनिवार्य है. इसके अलावा एक और अहम बात यह है कि कोई नाबालिग इस स्कीम में अपना अकाउंट नहीं खुलवा सकता.
कंट्रीब्यूशन का हिसाब-किताब कैसे चेक करें
कितनी मिलेगी पेंशन
अटल पेंशन योजना के तहत 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद सब्सक्राइबर को हर महीने एक तय पेंशन मिलती है. यह रकम सब्सक्राइबर के कंट्रीब्यूशन के हिसाब से ₹1,000, ₹2,000, ₹3,000, ₹4,000 या ₹5,000 में से कोई एक हो सकती है. हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर किसी वजह से अकाउंट 60 साल की उम्र से पहले बंद हो जाता है, तो सब्सक्राइबर को सिर्फ अपना कंट्रीब्यूशन और उस पर मिला ब्याज ही वापस मिलेगा. ऐसी स्थिति में सरकार की तरफ से दिया गया को-कंट्रीब्यूशन और उस पर मिलने वाला ब्याज दोनों नहीं मिलेंगे.
NRI के लिए क्या है नियम
अगर कोई NRI यानी कि अनिवासी भारतीय 18 से 40 साल की उम्र के बीच है और उसका अकाउंट किसी ऐसे बैंक में है जो APY का पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी PoP है, तो वो भी इस स्कीम से जुड़ सकता है.
अगर सब्सक्राइबर भारतीय नागरिकता छोड़ दे तो क्या होगा
असल में यह योजना स्कीम भारतीय नागरिकों के लिए ही है. ऐसे में अगर कोई सब्सक्राइबर भारतीय नागरिकता छोड़ देता है, तो उसका APY अकाउंट बंद कर दिया जाएगा. इस स्थिति में अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज काटने के बाद जो असली ब्याज कंट्रीब्यूशन पर मिला है, वो वापस कर दिया जाएगा. लेकिन सरकार का को-कंट्रीब्यूशन और उस पर मिला ब्याज ऐसे सब्सक्राइबर को नहीं लौटाया जाएगा.
टैक्स में मिलता है फायदा
इस स्कीम में निवेश करने वालों को टैक्स में भी राहत मिलती है. इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80CCD के तहत टैक्सपेयर्स अपने कंट्रीब्यूशन पर ₹1,50,000 तक की छूट पा सकते हैं. इसके अलावा सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अटल पेंशन योजना में किए गए कंट्रीब्यूशन पर अतिरिक्त ₹50,000 की छूट भी क्लेम की जा सकती है.
एक नजर में पूरी जानकारी
आपके के काम की बात
कुल मिलाकर देखा जाए तो अटल पेंशन योजना उन लोगों के लिए एक भरोसेमंद ऑप्शन है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई तय आमदनी का जरिया नहीं है. सही उम्र में इस स्कीम से जुड़कर और नियमित कंट्रीब्यूशन करके कोई भी व्यक्ति 60 साल की उम्र के बाद एक तय पेंशन का हकदार बन सकता है.