दिल्ली के बवाना में एक निजी स्कूल की नर्सरी में पढ़ने वाली तीन वर्ष की छात्रा का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के आरोप में बस चालक को गिरफ्तार किया है. 19 अगस्त को इस घटना का तब पता चल जब बच्ची के परिवार वालों ने उसके गुप्त अंगों पर चोट के निशान देखे. पूँछने पर बच्ची ने अपनी माँ को बताया कि स्कूल में एक ‘बुरे अंकल’ हैं, जो उसे चॉकलेट देता था. पुलिस ने बताया कि 24 अगस्त को बच्ची ने सीसीटीवी फुटेज के ज़रिए आरोपी की पहचान की.
पॉक्सो अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपी को स्कूल से ही गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी तकरीबन आठ महीने से बस चला रहा था और बच्ची के पीछे-पीछे जा कर बाथरूम में उसका यौन उत्पीड़न करता था. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरू की जांच से पता चल है कि बच्ची का चार बार उत्पीड़न हुआ है. पुलिस ने सारे सीसीटीवी फुटेज और आरोपी का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है.
इस घटना की निंदा करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में आ रही नाबालिगों के यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म के लगातार मामलों को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर ‘उदासीन और संवेदनहीन’ प्रतिक्रिया का आरोप लगाया. उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “महिला मुख्यमंत्री के शासन में (दिल्ली) ‘चाइल्ड रेप कैपिटल’ बनी. कल की खबर – प्ले स्कूल में तीन साल के बच्चे का यौन उत्पीड़न हुआ. आज की खबर – तीन साल की बच्ची का उसकी स्कूल वैन के चालक ने यौन उत्पीड़न किया. एक और खबर – चलती बस में बस कर्मियों द्वारा 15 साल की लड़की से दुष्कर्म. मैं यह नहीं कह रहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन बच्चों से दुष्कर्म किया है, लेकिन ऐसी घटनाओं पर उनकी प्रतिक्रिया बेहद संवेदनहीन और उदासीन रही है.”
‘आप’ नेता ने मुख्यमंत्री पर जनकपुरी के एक निजी स्कूल में हेड क्लर्क द्वारा कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का शिकार हुई तीन साल की बच्ची के माता-पिता से मुलाकात न करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि गुप्ता ने कभी भी आरोपी का पक्ष लेने के लिए स्कूल प्रबंधन को आड़े हाथों नहीं लिया.
भारद्वाज ने पोस्ट में कहा, “जांच रिपोर्ट में स्कूल प्रबंधन द्वारा पॉक्सो के नियमों के गंभीर उल्लंघन का खुलासा होने के बावजूद उनकी सरकार और उनके मंत्री आशीष सूद ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई. भाजपा बेशर्म इन्फ्लुएंसर के एक समूह को बढ़ावा दे रही है जो इन बलात्कारियों के पक्ष में सोशल मीडिया अभियान चलाएंगे.”