जांजगीर जिला के पामगढ़ में संचालित देव सेवा समिति वृद्धाश्रम में एक बुजुर्ग महिला की इलाज के अभाव में मौत हो गई। संचालिका इसकी सूचना देने के बावजूद वह घर में मेहमान आने का बहाना बनाकर मुंह मोड़ ली। मौत के लगभग 11 घंटे बाद भी उसकी लाश बिस्तर पर ही पड़ी रही। खबर लिखे जाने तक पुलिस पंचनामा कार्यवाही कर रही थी|
पामगढ़ में संचालित देव सेवा समिति वृद्धाश्रम में शक्ति जिला की 75 वर्षीय डोकरी बाई पिछले दो सालों से यहां रह रही थी। वहां उपस्थित कर्मचारियों ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वह महिला बीमार चल रही थी। इसकी जानकारी कर्मचारियों ने समिति के संचालक श्रीमती अगम बर्मन को दी गई थी। इस बीच संचालिका कई बार पामगढ़ किंतु महिला की का इलाज करने की जहमत नही उठाई, आखिरकार बुधवार की तड़के 4:00 बजे उसने बिस्तर में ही दम तोड़ दिया। सुबह जब कर्मचारी सभी बुजुर्ग को उठाएं तब इस बात की जानकारी हुई| इसकी सूचना कर्मचारियों ने तत्काल संचालिका को दी लेकिन उन्होंने यहां आना जरूरी नहीं समझी।
इसकी जानकारी जब वार्ड के पार्षद और नगर अध्यक्ष को लगी तो वह मौके पर पहुंचे और संचालिका को फोन के माध्यम से संपर्क किया तब उन्होंने घर में मेहमान आने का बहाना बनाते हुए जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया। वृद्ध महिला लाश लगभग 11 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर पड़ी रही। खबर लिखे जाने तक मौके पर पुलिस पहुंचकर पंचनामा की कार्यवाही कर रही है।
इस घटना ने मानवता को एक बार फिर शर्मसार किया है। जिस वृद्ध आश्रम के लिए सरकार द्वारा लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं| ताकि असहाय बुजुर्गो का सही ठंग से जीवन के अंतिम पठाव को जी सके| लेकिन पामगढ़ में बुजुर्गों के साथ किस तरह का व्यवहार होता है यह सब आपके सामने है। इस घटना के बाद लोगों में रोष व्याप्त है। आपको बता दें कि इस वृद्धाश्रम में घपलेबाजी को लेकर पहले भी संचालिका पर प्रश्न उठ चुका है।