नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय

नियमों के अनुरूप डीपीसी का दायित्व सौंपा – प्रशासन का पारदर्शी निर्णय

बड़वानी

जिला शिक्षा केंद्र में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के प्रभार को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कलेक्टर जयति सिंह द्वारा लिया गया निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से पूरी तरह नियमसम्मत और पारदर्शी बताया जा रहा है।
पूर्व डीपीसी प्रमोद शर्मा के स्थानांतरण उपरांत प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से सहायक परियोजना समन्वयक अशरफ खान को डीपीसी का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है। श्री खान बीते 12 वर्षों से शिक्षा विभाग में निरंतर सेवाएं दे रहे हैं और जिला शिक्षा केंद्र की योजनाओं एवं व्यवस्थाओं का व्यापक अनुभव रखते हैं।

 प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम
कलेक्टर ने 11 फरवरी को आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अस्थायी है और स्थायी नियुक्ति हेतु भोपाल स्तर पर पत्राचार किया गया है। ऐसे में विभागीय कार्यों में बाधा न आए, योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारू रूप से चलता रहे तथा विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिले—इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया। 

See also  यूरिया, डीएपी की कीमत बढ़ाने पर शिवराज सिंह चौहान का बड़ा ऐलान, किसानों को मिलेगा रिकॉर्ड चेक

  अनुभव और वरिष्ठता का सम्मान
सूत्रों के अनुसार, श्री खान लंबे समय से सहायक परियोजना समन्वयक के रूप में कार्यरत हैं और उसके पूर्व में भी 2001 में भी डीपीसी का प्रभार संभाल चुके है प्रदेश के कई जिलों में शिक्षाकर्मी वर्ग एक को प्रभारी डीपीसी  बनाया गया है, जिले की शैक्षणिक योजनाओं, बजट प्रबंधन एवं मॉनिटरिंग में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वरिष्ठता क्रम और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें प्रभार सौंपना व्यावहारिक निर्णय माना जा रहा है।

प्रशासन की प्राथमिकता – कार्य में निरंतरता
कलेक्टर जयति सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखना है। स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण होने तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

शिक्षा जगत से जुड़े कई लोगों का मानना है कि अनुभवी अधिकारी को प्रभार दिए जाने से विभागीय कार्यों में गति आएगी और लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सकेगा।

See also  चूहा कांड’ के बाद 75 साल पुराने एमवायएच अस्पताल का होगा आधुनिकीकरण, 1700 नए बेड तैयार

समग्र रूप से यह निर्णय प्रशासनिक विवेक, अनुभव और कार्य निरंतरता को ध्यान में रखते हुए लिया गया संतुलित कदम माना जा रहा है।