राजस्थान में अंधविश्वास की एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं। एक शख्स ने कथित तौर पर अलौकिक शक्तियां हासिल करने, भगवान को प्रसन्न करने और अपनी पसंद की महिला से शादी करने के लिए 22 महीने के मासूम को अगवा कर लिया। आरोपी बच्चे की बलि देने की फिराक में था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया। राजस्थान से अगवा किया गया मासूम करीब 40 घंटे बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में काली मंदिर से सकुशल बरामद कर लिया गया।
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पुलिस ने इस मामले में 34 वर्षीय आरोपी विवेक कुमार कुशवाहा को गिरफ्तार किया है। वह बिहार के रोहतास जिले के सासाराम का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अंधविश्वास में इस कदर डूब चुका था कि उसे लगने लगा था कि मासूम की बलि देकर वह अपनी निजी इच्छाएं पूरी कर सकता है। आरोपी के बैग से पीतल का त्रिशूल, मेहंदी की पत्तियां, चूड़ियां और पीली धातु की अंगूठी सहित कुछ संदिग्ध सामग्री मिली है।
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पुलिस के अनुसार, आरोपी पिछले करीब एक साल से मानसिक तनाव में था। उसकी पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी। इसी दौरान वह अंधविश्वास के चक्कर में पड़ गया और कथित तौर पर अपनी जिंदगी बदलने के लिए बच्चे की बलि देने की योजना बनाने लगा। पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने बताया कि आरोपी करीब चार महीने से किसी शिशु या छोटे बच्चे को अगवा कर उसकी बलि देने के बारे में सोच रहा था। उसका मानना था कि ऐसा करने से उसे अलौकिक शक्तियां मिलेंगी, भगवान प्रसन्न होंगे और वह अपनी पसंद की महिला से शादी कर सकेगा।
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जांच में सामने आया कि आरोपी ने शुरुआत में अजमेर के भीड़भाड़ वाले दरगाह बाजार इलाके से किसी छोटे बच्चे को अगवा करने की योजना बनाई थी। हालांकि, वहां उसे मौका नहीं मिला। इसके बाद उसने कथित तौर पर अजमेर के क्लॉक टावर इलाके से एक मोटरसाइकिल चुराई और नीमराना की ओर निकल गया। रास्ते में पहली बाइक का पेट्रोल खत्म होने पर उसने कथित तौर पर एक और मोटरसाइकिल चुरा ली। इसके बाद वह कोटपूतली-बहरोड़ जिले के नीमराना पहुंचा और बच्चे की तलाश करने लगा।
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18 अक्टूबर को नीमराना के होली टीबा इलाके में 22 महीने का कृष्णा अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर उसे अगवा कर लिया। मासूम के अचानक गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें जुटाई गईं। जांच के दौरान 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर मिले सुरागों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया। जांच की कड़ियां राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक जुड़ती चली गईं। पुलिस की जांच आखिरकार उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के कोसी कलां के पास कावर गांव स्थित काली मंदिर तक पहुंची। यहीं से मासूम कृष्णा को बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, इससे पहले कि वह कथित तौर पर बच्चे की बलि दे पाता।
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