बिरसिंगपुर 500 मेगावाट यूनिट ने बिना रूके किया 150 दिन विद्युत उत्पादन

भोपाल

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंगपुर की 500 मेगावाट क्षमता की यूनिट नंबर 5 ने उत्कृष्ट तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए 150 दिनों तक निरंतर व निर्बाध विद्युत उत्पादन कर लगातार विद्युत उत्पादन करने की शृंखला में एक कड़ी और जोड़ दी। यह इकाई दिनांक 16 नवम्बर 2025 से सतत् संचालन में है, जो कि संयंत्र की विश्वसनीयता, संचालन क्षमता व उच्च स्तरीय रखरखाव का जीता जागता प्रमाण है।

विद्युत उत्पादन के लिए आवश्यक मानदंड में श्रेष्ठ प्रदर्शन

150 दिनों तक लगातार विद्युत उत्पादन करने के दौरान 500 मेगावाट की यूनिट ने न केवल सतत् उत्पादन का कीर्तिमान स्थापित किया, बल्कि विभिन्न परिचालन व तकनीकी मानकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यूनिट ने 98.64 प्रतिशत का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर (Plant Availability Factor) बनाए रखा, जो विद्युत उत्पादनके लिये यूनिट की स्थ‍िरता एवं उपलब्धता को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त यूनिट ने 98.45 प्रतिशत का प्लांट लोड फैक्टर (Plant Load Factor) दर्ज किया, जो कि उत्पादन क्षमता के अधिकतम उपयोग को इंगित करता है। यूनिट नंबर 5 ने सहायक विद्युत खपत (Auxiliary Power Consumption) को मात्र 5.52 प्रतिशत तक सीमित रखा गया, जो कि ऊर्जा दक्षता एवं संसाधनों के समुचित उपयोग का परिचायक है।

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मशीन के साथ ‘मेन’ का कमाल

यूनिट नंबर 5 ने जहां मशीन के संदर्भ में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया, वहीं इस यूनिट से संलग्न अभियंताओं, तकनीकी कार्मिकों एवं ठेका श्रमिकों की समर्पित कार्यशैली, सतत निगरानी व समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण रखरखाव के कारण यूनिट नंबर 5 श्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल हुई है। कठिन परिस्थितियों में भी संयंत्र की मशीनरी का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना टीम की उच्च पेशेवर दक्षता को परिलक्षित करता है।

यूनिट नंबर 5 ने तीसरी बार बनाया रिकार्ड

वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल 13 विद्युत यूनिट ने 100 दिन से ऊपर निर्बाध विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान बनाया था। जिसमें संजय गांधी ताप विद्युत गृह की यूनिट नंबर 3 ने एक बार और यूनिट नंबर 4 व 5 ने 2-2 बार यह उपलब्धि हासिल की थी। इस तरह यूनिट नंबर 5 ने अपने इस कीर्तिमान की दूसरी पारी को आगे बढ़ते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 का आग़ाज़ 150 दिन निर्बाध विद्युत उत्पादन कर किया।

 

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