ब्रिक्स एमएसएमई फोरम: यूपी बनी देश की ‘एमएसएमई राजधानी’

आगरा
विश्व पटल पर भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और एमएसएमई क्षेत्र की अपार संभावनाओं को नई दिशा देने के लिए ताजनगरी आगरा में 'ब्रिक्स-इंडिया 2026' के अंतर्गत पहले दिन ब्रिक्स एमएसएमई फोरम और तीसरे ब्रिक्स एमएसएमई वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक का भव्य आयोजन हुआ। ताजगंज स्थित ताज एंड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने एमएसएमई सेक्टर की शानदार उपलब्धियों और वैश्विक व्यापार की रणनीतियों को विश्व समुदाय के समक्ष प्रमुखता से रखा।

96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ यूपी बना 'एमएसएमई राजधानी'
ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) तथा जनपद प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज भारत की एमएसएमई राजधानी बनकर उभर रहा है। राज्य में वर्तमान में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जो लगभग 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। योगी सरकार एमएसएमई को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सबसे सशक्त इंजन मानती है।

See also  CM आवास योजना का बड़ा असर: 84% ग्रामीणों ने बताया पक्के घर से बढ़ी सुरक्षा और बेहतर हुआ जीवन

ब्रिक्स देशों के साथ 5.36 बिलियन डॉलर का व्यापारिक संबंध
प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार, तकनीक और निवेश के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025- 26 के आंकड़ों के अनुसार, ब्रिक्स सदस्य और साझेदार देशों के साथ उत्तर प्रदेश का कुल निर्यात 5.36 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 3,938 मिलियन डॉलर सदस्य देशों को और 1,429 मिलियन डॉलर साझेदार देशों को) से अधिक रहा है। प्रदेश से मशीनरी, परिधान, चमड़ा, कालीन और बहुमूल्य पत्थर दुनिया के कई देशों में निर्यात हो रहे हैं।

ओडीओपी और पारंपरिक शिल्प को मिल रही वैश्विक उड़ान
उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 'एक जनपद एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना ने स्थानीय प्रतिभा और पारंपरिक शिल्प को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का अभूतपूर्व कार्य किया है। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि ओडीओपी के तहत अब तक 20 हजार से अधिक लोगों को करीब 897 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी देकर 3.16 लाख रोजगार सृजित किए गए हैं। इसके साथ ही 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना' से 4.41 लाख पारंपरिक शिल्पकारों को आधुनिक टूलकिट और प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया है।

See also  कांवड़ यात्रा मार्ग पर नहीं लिखने होंगे दुकानों के नाम, क्यूआर कोड से मिलेगी पूरी जानकारी

युवाओं और उद्यमियों के लिए योगी सरकार की अभिनव पहल
योगी सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' (सीएम युवा) जैसी अभिनव पहल शुरू की है। इसके तहत बिना गारंटी के ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 10 वर्षों में 10 लाख नई सूक्ष्म इकाइयां स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त, एमएसएमई पार्क विकसित करने के लिए प्लेज (PLEDGE) योजना के तहत प्रदेश के 12 जिलों में पार्क स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो उद्योगों को बेहतर इकोसिस्टम प्रदान करेंगे।

इस महत्वपूर्ण बैठक का विधिवत शुभारंभ सुबह 10:15 बजे भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। उन्होंने देश में एमएसएमई सेक्टर की ग्रोथ और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दूसरे दिन ब्रिक्स देशों से आए विभिन्न प्रतिनिधिमंडल आगरा की ऐतिहासिक इमारतों का भ्रमण करेंगे और यहां की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू होंगे।

See also  अयोध्या में सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, राम मंदिर मुद्दे पर घेरा