छत्तीसगढ़ के रैप सिंगर एप्पी राजा का निधन, लंबे समय से थे बीमार, शुभचिंतकों के बीच शोक की लहर

छत्तीसगढ़ के पहले रैप सिंगर एप्पी राजा का सोमवार को रायपुर एम्स में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार थे। उनका इलाज एम्स में चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से भानुप्रतापपुर सहित पूरे प्रदेश में उनके प्रशंसकों और शुभचिंतकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार 16 जून को भानुप्रतापपुर में किया जाएगा। बता दें कि एप्पी राजा 13-14 साल की उम्र से ही रैप साॅन्ग्स लिख रहे थे। उन्होंने ‘टूरा भाेको लोलो’ गाना से अपनी पहचान बनाई थी।

कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में रहने वाले एप्पी राजा का असली नाम चेतन चांडक था। वे 13-14 साल की उम्र से ही रैप साॅन्ग्स लिख रहे हैं। एप्पी राजा का जन्म वर्ष 1994 में नवागढ़ में हुआ था। उनके माता-पिता मूल रूप से जैसलमेर (राजस्थान) के रहने वाले थे, जो बाद में छत्तीसगढ़ के बेमेतरा और फिर नवागढ़ आकर बस गए थे। बचपन के शुरुआती वर्ष एप्पी ने दुर्ग में बिताए और वहीं उनकी शुरुआती पढ़ाई हुई। वर्ष 2002 के बाद उनका परिवार भानुप्रतापपुर (कांकेर) आकर रहने लगा, जहां उन्होंने आगे की पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं होने के बावजूद एप्पी रोजाना भानुप्रतापपुर से कांकेर तक पढ़ाई के लिए आते-जाते थे।

See also  Big-Breking News : जांजगीर जिला में दिनदहाड़े 5 लाख रुपये की लूट, अपराधियों की तलाश शुरू

 

कांकेर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही एप्पी राजा ने कक्षा 7वीं में अपना पहला रैप लिखा था। तमाम मुश्किलों से गुजरते हुए उन्होंने पहला गाना ‘टूरा भाेको लोलो’ लिखा था, लेकिन तब उनके पास इसे रिकॉर्ड करने के लिए पैसे और रिसोर्स नहीं थे। साल 2015 में उन्हें पंजाब के लुधियाना से एक म्यूजिक कपंनी का मेल आया कि आप अपना एक रैप रिकाॅर्ड कर भेजें। कंपनी को रैप की लाइन पसंद आ गई और उन्हें पंजाब बुला लिया गया। वहीं ऐप्पी ने अपना गाना रिकाॅर्ड किया और इसे यू-ट्यूब पर रिलीज किया।

 

गाना रिलीज हाेते ही इसे गजब का रिस्पॉन्स मिला। लोग सोशल मीडिया पर शेयर करने लगे। ‘टूरा भाेको लोलो’ गाने को लाखों लोग यू-ट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सऐप पर सुन चुके हैं। एप्पी राजा को साल 2014 में MH-1 Channel ने गाने के लिए ऑफर दिया, जब उसने सबसे पहला रैप सांग डी-टू-बी गाया। एप्पी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन को लेकर भी रैप साॅन्ग ‘ट्रिब्यूट टू डाॅ एपीजे अब्दुल कलाम’ और सरदार भगत सिंह पर सच्चा वीर और स्वतंत्रता दिवस पर भी रैप सांग बनाया है।

See also  पर्यटन स्थल और बांधों के आसपास सावधानी बरतने के कलेक्टर नम्रता गांधी ने दिए निर्देश

एप्पी जब 11वीं क्लास में थे तो उनके पिता को हार्ट अटैक आया और वे बीमार रहने लगे। घर की माली हालत बिगड़ी तो मां ने सिलाई का काम शुरू किया। एप्पी भी घर की मदद करने गुजरात के सूरत चले गए। वहां एक कपड़े की दुकान में काम करते थे, जहां उन्हें 3-4 हजार रुपए मिलते थे। कुछ दिन काम किया, लेकिन मन नहीं लगा और वापस लौट आए। फिर माता-पिता के सपोर्ट से ही वे पहली बार करियर की तलाश में 2015 में पंजाब जा पाए।

पंजाब के एक सिंगर अक्स से उनकी मुलाकात हुई, जिन्होंने पंजाब बुलाकर आगे बढ़ने में मदद की। वहां भी तंगी के चलते काफी मुश्किल होती थी। उनके गुरू और पंजाबी फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर सरजीत शानू ने अपने स्टूडियो में रहने जगह दे दी। मौका हाथ लगा तो पूरी रात स्टूडियो में मेहनत कर गाना बनाकर उसकी म्यूजिक कम्पोज करने लगे। आज लाखों लोग एप्पी को सुनते हैं। सिंगिंग ही इनका प्रोफेशन था।

See also  Janjgir : 20 फीट नीचे नाले में जा गिरी कार, कुछ युवकों ने पानी में कूद कर बचाई व्यवसायी की जान