बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ गुजरात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही करेंगे दौरा

अहमदाबाद
 कांग्रेस नेता राहुल गांधी जल्द ही गुजरात के मोर्चे पर सक्रिय होंगे। राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता विपक्ष के तौर पर बोलते हुए बीजेपी को गुजरात में हराने की चुनौती दी थी। इसके बाद सवाल खड़ा हुआ था कि राहुल गांधी ने बीजेपी को इतनी बड़ी चुनौती कैसे दे दी? अब राहुल गांधी के गुजरात में सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। राज्य में हिंदू वाले बयान को लेकर जहां कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं तो वहीं इसी बीच राहुल गांधी गुजरात का पहला दौरा सकते हैं। इसके संकेत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल ने दिए हैं। गोहिल ने कहा कि बीजेपी के हमले के दौरान बब्बर शेर की तहत मुकाबला करने वाले कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए राहुल गांधी जल्द राज्य का दौरा करेंगे। गोहिल ने कहा कि कांग्रेस दफ्तर के बाहर हुई झड़प के मामले में पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है। गोहिल ने 6 जुलाई को पूरे राज्य के कार्यकर्ताओं को अहमदाबाद आने की अपील की है। संभावना जताई जा रही है कि अगर अहमदाबद पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है तो राहुल गांधी छह जुलाई को भी अहमदाबाद पहुंच सकते हैं।अहमदाबाद में सात जुलाई को 18 किलोमीटर लंबी भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकलनी है।

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लंबे समय बाद आमना-सामना
गुजरात में कांग्रेस तीन दशक से सत्ता से बाहर है, लेकिन राज्य में पिछले कई सालों में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। जिसमें दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच सीधी झड़प हुई हो। अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यालय के बाहर पुलिस की मौजूदगी में पथराव हुआ था। 2013 तक ऐसी घटनाएं दोनों पार्टियों की युवा इकाईयों के बीच छात्र राजनीति में होती थीं। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ने हिंदू धर्म को लेकर जो भी कहा है वह एकदम सही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शक्ति सिंह गोहिल को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। लोकसभा में बीजेपी को क्लीन स्वीप से रोकने और राजकोट अग्निकांड हादसे पर पूरे शहर के बंद करके गोहिल ने अपना कद बढ़ाया है। ऐसा माना जा रहा है कि अब राहुल गांधी सीधे तौर पर गुजरात में अपनी सक्रियता बढ़ा सकते हैं।

लोकसभा चुनावों नहीं आए थे
लोकसभा चुनावों में राहुल गांधी गुजरात के दौरे पर नहीं आए थे। प्रियंका गांधी ने सिर्फ वलसाड और बनासकांठा में सभाएं की थी। गोहिल के बयान को राजनीतिक हलकों में बड़ी तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। संभावना है कि राहुल गांधी राज्य में पंचायत चुनावों से पहले पूरी तरह से सक्रिय हो सकते हैं। इसी के साथ कांग्रेस पार्टी के राज्य में नए सिरे से संगठन को मजबूत करने की कवायद भी शुरू हो सकती है। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य की दो विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होना है। पार्टी दोनों सीटों पर मजबूती से लड़ेगी। माणावदर सीट को पार्टी इंडिया अलांयस के तहत आम आदमी पार्टी के लिए छोड़ सकती है।

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इसी महीने एंट्री संभव
राहुल गांधी ने लोकसभा में बीजेपी को सीधी चुनौती फेंकते हुए कहा था कि हम आपको गुजरात में हराएंगे। उनके बयान का मतलब 2027 के चुनावों से था। गुजरात की 182 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 92 सीटों का है। कांग्रेस ने पिछले चुनावों में 17 सीटें जीती थीं, हालांकि 2017 के चुनावों में पार्टी ने 77 सीटें जीती थीं। तब बीजेपी पिछले दो दशक में पहली बार दो अंकों पर आ गई थी। बीजेपी को 99 सीटें मिली थी। पार्टी को उस चुनाव में 41.44 फीसदी वोट मिले थे। बीजेपी के खाते में 49.05 प्रतिशत वोट गए थे। राहुल गांधी के नेता विपक्ष बनने के बाद प्रदेश इकाई गुजरात में उनकी सक्रियता बढ़ाना चाहती है। इसकी शुरुआत इसी महीने हो सकती है। चर्चा यह भी है कि राहुल गांधी अपने दौरे में राजकोट टीआरपी गेम जोन के पीड़ितों से मिलने के लिए भी जा सकते हैं। राहुल गांधी अपने दौरों में मोरबी ब्रिज हादसे, वडोदरा हरनी नाव हादसे के पीड़ितों से भी मिलने जा सकते हैं। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति पीड़ितों को न्याय दिलाने को लेकर बड़े कार्ययोजना पर काम कर रही है। सूत्रों की मानें तो पार्टी आने वाले दिनों के इसका ऐलान कर सकती है। टीम राहुल गांधी का हिस्सा जिग्नेश मेवाणी राजकोट में सक्रिय हैं।

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