ग्रीन हाइड्रोजन समेत स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे क्रिस्प और मैनिट

भोपाल

सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) और मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट), भोपाल के बीच ग्रीन हाइड्रोजन एवं स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कौशल विकास, अनुसंधान एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण एम.ओ.यू पर हस्ताक्षर हुए।

यह साझेदारी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के विजन के अनुरूप देश में ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, डीकार्बोनाइजेशन तथा कार्बन न्यूट्रल तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस सहयोग के माध्यम से युवाओं, उद्योगों और तकनीकी संस्थानों को भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।

एम.ओ.यू के तहत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से विद्यार्थियों, फैकल्टी, उद्योगों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, औद्योगिक परामर्श सेवाएं तथा तकनीकी परियोजनाओं का संचालन करेंगे। साथ ही तकनीकी शिक्षण संस्थानों और विश्वविद्यालयों की प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण, उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तथा अनुसंधान गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

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साझेदारी के अंतर्गत विशेष रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और डीकार्बोनाइजेशन तकनीकों पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा आईटीआई के प्रशिक्षुओं, प्रशिक्षकों, तकनीकी कर्मचारियों तथा किसानों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के उपयोग और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिल सके।

क्रिस्प और मैनिट ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करेगा। साथ ही नवाचार, तकनीकी हस्तांतरण और उद्योगोन्मुखी कौशल विकास के माध्यम से देश में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मैन पॉवर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एमओयू पर मैनिट की डीन प्रो. (डॉ.) अनुपमा शर्मा एवं क्रिस्प के सहायक महाप्रबंधक (ए.जी.एम)  फैसल जाफरी ने हस्ताक्षर किए।