छत्तीसगढ़ में जातिगत दुर्व्यवहार की शिकार हुई महिला सरपंच, ज़हर सेवन कर की आत्महत्या की कोशिश, जाँच में जुटी पुलिस

बालोद में सनौद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सियनमरा की महिला सरपंच अंजू साहू ने जातिगत दुर्व्यवहार के कारण शनिवार की देर रात जहरीले पदार्थ का सेवन कर खुदकुशी करने की कोशिश की. घटना के तुरंत बाद परिजनों ने उन्हें बालोद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया. डॉक्टरों के अनुसार सरपंच का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है.

 

 उपचुनाव में बनी थीं सरपंच

घटना की सूचना मिलते ही बालोद पुलिस की टीम जिला अस्पताल पहुंची. पुलिस ने पीड़ित सरपंच अंजू साहू का बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. बता दें कि ग्राम पंचायत सियनमरा में करीब छः माह पहले ही उपचुनाव संपन्न हुए थे, जिसके बाद अंजू साहू निर्वाचित होकर सरपंच बनी थीं।

 

पूर्व सरपंच ने छोड़ा 3.50 लाख का कर्ज़

महिला सरपंच के इस आत्मघाती कदम उठाने के पीछे पंचायत के वित्तीय विवाद और मानसिक प्रताड़ना की बात सामने आ रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच द्वारा पंचायत पर लगभग 3 लाख 50 हजार रुपये का भारी कर्ज छोड़ दिया गया था. इस कर्ज की भरपाई करने अथवा इसे माफ कराने को लेकर वर्तमान सरपंच अंजू साहू पर लगातार अनुचित दबाव बनाया जा रहा था.

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उप सरपंच पर जातिगत दुर्व्यवहार का आरोप

इस संबंध में एक विडियो सोशल मिडिया में वायरल हो रहा है जिसमे अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित महिला सरपंच यह बता रही है की उसे उप सरपंच कर्ज के इस दबाव के अलावा वर्तमान उप सरपंच पर भी गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप के अनुसार, वर्तमान उप सरपंच द्वारा महिला सरपंच के साथ लगातार जातिगत दुर्व्यवहार किया जा रहा था और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. इसी आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और दुर्व्यवहार से परेशान होकर सरपंच ने यह कठोर कदम उठाया. फिलहाल बालोद पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है.

 

महिला ने की है अंतर्जातीय प्रेम विवाह

बताया जा रहा है की महिला सरपंच मंजू महिलांग ने रिकेश साहू से अंतर्जातीय प्रेम विवाह की है और अनुसूचित जाति आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण सरपंच पद पर निर्वाचित हुई है, लेकिन गांव के जातिवादी उपसरपंच व पंचगण उन्हें  प्रतिबंधित शब्द (चमरिन) कहते हुए अपमानित करते हुए बार-बार उलाहना देते रहे है| वे यह भी कहते हैं कि तुम नीच जात की हो तुम्हारी अवकात नहीं है हमारे सामने कुर्सी पर बैठने की तुमको सरपंच पद छोड़ना पड़ेगा। जिससे तंग आकर आज वह आत्महत्या करने के लिए कदम उठाई है।

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