यूक्रेन के खिलाफ तकरीबन ढाई वर्षों से चल रहे भीषण युद्ध के बीच पुतिन सरकार को दूसरे मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा

बमाको माली
यूक्रेन के खिलाफ तकरीबन ढाई वर्षों से चल रहे भीषण युद्ध के बीच पुतिन सरकार को दूसरे मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। माली के उत्तरी तुआरेग क्षेत्र में विद्रोही गुटों से साथ लड़ाई में रूस की प्राइवेट आर्मी के 84 सैनिक बेरहमी से मारे गए। माली विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने 47 माली सैनिकों को भी मार डाला है। वैगनर ग्रुप व्लादिमीर पुतिन की प्राइवेट आर्मी है, जिसने यूक्रेन में भीषण नरसंहार किया था और हजारों यूक्रेनियों को तड़पा-तड़पाकर मार डाला था।

माली पश्चिम अफ्रीकी देश है। यहां 2012 में विद्रोही गुटों ने सरकार के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया था। रूस माली सरकार से अपनी दोस्ती और वादे के चलते अपने सैनिकों को विद्रोदियों के खिलाफ लड़ने के लिए भेजता रहा है। गुरुवार को उत्तरी क्षेत्र में विद्रोही गुट ने दावा किया कि अल्जीरिया से लगी सीमा के पास भीषण लड़ाई में वह माली सैनिकों ही नहीं रूस की वैगनर आर्मी पर भी भारी पड़ रहे हैं। भीषण लड़ाई में उसने वैगनर आर्मी के कम से कम 84 सैनिकों को मार डाला है। विद्रोही गुटों के मुताबिक, यह आंकड़ा जुलाई के आखिरी सप्ताह का है।  

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बेहद खूंखार है रूस का वैगनर ग्रुप
दो साल पहले पुतिन की प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप ने माली सरकार की मदद करने का फैसला लिया था और तब से वह विद्रोही गुटों के खिलाफ माली सैनिकों के साथ लड़ाई कर रहा है। हालांकि पिछले कुछ समय से विद्रोही गुटों का वैगनर ग्रुप पर भारी पड़ना माली सरकार के साथ पुतिन के लिए भी परेशान करने वाला है।

पुतिन की प्राइवेट आर्मी वैगनर ग्रुप को बेहद खूंखार और अत्याधुनिक हथियारों से लैस संगठन माना जाता है। जब से यूक्रेन में रूस ने युद्ध का ऐलान किया है, वैगनर ग्रुप ने भी यूक्रेनी शहरों में भीषण नरसंहार किया है। कई मीडिया रिपोर्टों में वैगनर ग्रुप की यूक्रेनी शहरों को श्मशान बनाने के पीछे वैगनर ग्रुप को जिम्मेदार ठहराया जा चुका है। वैगनर ग्रुपों ने यूक्रेनियों का न सिर्फ कत्ल किया, उन्हें तड़पा-तड़पाकर मारा। शवों के साथ भी हैवानियत की घटनाएं सामने आईं थी।

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  दूसरी तरफ माली में विद्रोही गुटों के साथ लड़ाई के दौरान वैगनर ग्रुप की तरफ से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है कि उसे इस युद्ध में कितना नुकसान हुआ? हालांकि 29 जुलाई को वैगनर ग्रुप ने एक बयान में यह जरूर कहा था कि युद्ध में उसे भारी नुकसान हुआ है। माली के अधिकारियों ने मरने वालों का आंकड़ा बताने से इनकार कर दिया था लेकिन, यह जरूर कहा कि उसे भी विद्रोही गुटों के साथ लड़ाई में काफी नुकसान हो रहा है।