ईरान को लेकर बढ़ा तनाव, अगले हफ्ते बड़े एक्शन की तैयारी में Donald Trump और Benjamin Netanyahu?

तेल अवीव
अमेरिका और इजरायल के सैन्य अधिकारी ईरान पर संभावित हमलों के लिए टारगेट की लिस्ट बना रहे हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के बीच जल्द ही ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने की योजना बन रही है. इजरायली सेना और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इमरजेंसी मीटिंग की हैं. संयुक्त रूप से ईरान के जरूरी ठिकानों की लिस्ट तैयार की जा रही है. यह तैयारी अगले हफ्ते तक हमला शुरू करने जितनी तेजी से चल रही है। 

वर्तमान में अप्रैल 8 को लगा युद्धविराम पूरी तरह लाइफ सपोर्ट पर चल रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कहा है कि ईरान के साथ शांति की कोशिशें लगभग खत्म हो चुकी हैं. पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही बातचीत भी पूरी तरह फेल हो गई है. ईरान ने बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पूरा संप्रभु अधिकार और नई प्रबंधन व्यवस्था की मांग की थी, जिसे ट्रंप ने सिरे से खारिज कर दिया। 

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इजरायली न्यूज एजेंसी KAN के सूत्रों के अनुसार, इजरायल अमेरिका पर लगातार दबाव डाल रहा है कि युद्ध फिर शुरू किया जाए. इजरायली नेतृत्व का कहना है कि ईरान के खिलाफ पहले चरण का युद्ध उस समय से पहले खत्म कर दिया गया जब इसे पूरा होना चाहिए था. इजरायल अब ईरान की बची हुई परमाणु  सुविधाओं और मिसाइल सिस्टम को पूरी तरह नष्ट करना चाहता है। 

ईरान पर हमले के संभावित लक्ष्य
अमेरिकी और इजरायली अधिकारी मिलकर ईरान के अंदर जरूरी टारगेट्स की एक संयुक्त सूची तैयार कर रहे हैं. इनमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्लांट, मिसाइल फैक्टरियां, सैन्य अड्डे और कमांड सेंटर शामिल हो सकते हैं. दोनों देशों का मानना है कि अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई तो ईरान फिर से मजबूत हो जाएगा और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन जाएगा। 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. यहां से दुनिया का बहुत बड़ा तेल निर्यात होता है. ईरान ने इस पर अपना पूरा नियंत्रण मांगा था, जिसे अमेरिका और इजरायल दोनों ने मना कर दिया. अगर युद्ध शुरू हुआ तो इस खाड़ी में तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया की पर पड़ेगा। 

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फिलहाल दोनों तरफ से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सैन्य स्तर पर तैयारी तेज हो गई है. इजरायल का मानना है कि ईरान की परमाणु क्षमता को हमेशा के लिए खत्म करने का यह आखिरी मौका हो सकता है. अमेरिका भी ईरान को मजबूत होने से रोकना चाहता है। 

ट्रंप प्रशासन का रुख सख्त है. वे ईरान की किसी भी शर्त को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं. अगर बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकला तो अगले कुछ दिनों या हफ्तों में ईरान पर हमला शुरू हो सकता है। 

ईरान पर कोई भी बड़ा हमला पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर सकता है. लेबनान, सीरिया, यमन और इराक जैसे देशों में तनाव बढ़ सकता है. तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. भारत जैसे देशों पर भी इसका असर पड़ सकता है क्योंकि भारत ईरान से तेल आयात करता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर तेल आता है। 

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ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. सैन्य तैयारी तेज होने के साथ ही कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं, लेकिन फिलहाल सफलता मिलती नहीं दिख रही।