इंदौर: बड़ा गणपति चौराहे पर फ्लाईओवर का काम शुरू नहीं हो पाया, सीवर शिफ्टिंग और ट्रैफिक डायवर्जन बनी चुनौती

इंदौर।
इंदौर के व्यस्त बड़ा गणपति चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है। करीब डेढ़ साल पहले इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन जमीन पर काम शुरू होने में तकनीकी और यातायात से जुड़ी बाधाएं सामने आ रही हैं।

लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर के लिए सबसे बड़ी चुनौती सीवर और पानी की लाइनों को शिफ्ट करना है। एक साल से इसकी प्रक्रिया जारी है, लेकिन काम शुरू नहीं हो पा रहा है।

फ्लाईओवर निर्माण के लिए चौराहे पर करीब 800 मीटर लंबी ट्रांजिट सीवर लाइन और 500 मीटर पानी की लाइन हटाई जानी है। इसके लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए आइडीए ने करीब छह माह पहले दो करोड़ रुपये के करीब राशि नगर निगम को हस्तांतरित कर दी है।

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15 दिनों में लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू होगा
संभावना है कि अगले 15 दिनों में लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू हो जाएगा। हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वर्षाकाल से पहले सीवरेज और पानी की लाइनों का काम पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें और संसाधन लगाए जाएं, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो सके और सिंहस्थ से पहले फ्लाईओवर तैयार किया जा सके।

यातायात परिवर्तन चुनौती
चौराहा पर लाइन शिफ्टिंग के साथ ही निर्माण कार्य शुरू करना मुश्किल होगा, क्योंकि इससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। बड़ा गणपति चौराहा शहर का महत्वपूर्ण ट्रैफिक पाइंट है, जहां से महू नाका, पश्चिमी रिंग रोड से एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहन गुजरते हैं। इस यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करना भी बड़ी चुनौती है।

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अधिकारियों का मानना है कि चंदन नगर से कालानी नगर तक बनने वाली सड़क पूरी होने के बाद ट्रैफिक को वहां डायवर्ट किया जा सकता है। गत दिनों हुई बैठक में भी इसका सुझाव दिया गया है कि इस सड़क के तैयार होने के बाद ही फ्लाईओवर निर्माण शुरू किया जाए।