हिज्बुल्लाह पर इजरायल का जोरदार प्रहार! उड़ाए 1600 टारगेट, 492 मौतें, लेबनान ने दागे 200 रॉकेट

बेरुत

करीब सालभर से युद्ध मैदान में डटा इजरायल अब फुल फ्लेज्ड वॉर के मूड में देखा जा रहा है. हफ्तेभर पहले लेबनान में पेजर-वॉकी-टॉकी ब्लास्ट से दहशत फैली और उसके तुरंत बाद इजरायल ने फाइटर जेट्स से लेबनान में मिसाइल-बम अटैक करके हिज्बुल्लाह की हालत पतली कर दी. अब फिर इजरायल ने लेबनान में बड़ा हमला बोला है.

इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के 1600 टारगेट को निशाना बनाया है और इन्हें नेस्तनाबूद कर दिया है. रातभर लेबनान में बम गिराए गए हैं. हमलों में अब तक 492 मौतें होने की खबर है. इजरायल ने चेतावनी दी है कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ तेजी से हमले किए जाएंगे. ऐसे में लेबनानी नागरिकों को उन क्षेत्रों को खाली करने के लिए कहा है, जहां हिज्बुल्लाह के हथियार छिपाने की आशंका है. IDF का दावा है कि लेबनान के घरों में एक-एक हजार किलो के भारी रॉकेट रखे मिले हैं.

हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल पर 200 रॉकेट दागे

हालांकि, इजरायल की कार्रवाई का जवाब देने के लिए हिज्बुल्लाह ने भी मोर्चा संभाला है और उत्तरी इजरायल में 200 रॉकेट दागे हैं. देर रात जब हिज्बुल्लाह ने अटैक किया तो उत्तरी इजरायल के हाइफा, अफुला, नाजरेथ और अन्य शहरों में रॉकेट सायरन बजने लगे. हिज्बुल्लाह ने रातभर रॉकेटों की बौछार की. हिज्बुल्लाह ने कहा, हमने कई इजरायली सैन्य ठिकानों और एयरपोर्ट को निशाना बनाया है.  इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कहा, अधिकांश रॉकेटों को हमारे आयरन डोम डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया और किसी के हताहत होने या नुकसान की खबर नहीं है.

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दरअसल, पिछले साल 7 अक्टूबर को फिलिस्तीनी हमास के लड़ाकों ने अचानक इजरायल में घुसकर अटैक कर दिया था. इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गए थे. करीब 250 इजरायली नागरिकों को हमास के लड़ाके बंधक बनाकर गाजा ले गए थे. उसके बाद इजरायल ने गाजा में अटैक किया था और हमास के अंतिम लड़ाके को मारकर ही युद्ध खत्म करने का ऐलान किया था.

कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने का आह्वान किया है. इस बीच, हमास के समर्थन में लेबनान के लड़ाके (हिज्बुल्लाह) भी मैदान में आ गए और इजरायल पर रॉकेट से हमला कर रहे हैं. अब इजरायल ने भी हिज्बुल्लाह से निपटने की तैयारी कर ली है और पिछले कुछ दिन से लेबनान में सिलसिलेवार हमले देखने को मिल रहे हैं.

इजरायली अटैक से लेबनान में मारे गए 492 लोग

सोमवार को लेबनान में 2006 के बाद पहली बार संघर्ष का सबसे घातक दिन देखा गया. इजरायली हमलों में 492 लोग मारे गए. इनमें 35 बच्चे और 58 महिलाएं शामिल हैं. 1,645 लोग घायल हो गए. लेबनानी अधिकारियों ने बताया कि 2006 के इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध के बाद से यह सबसे घातक हमला है. इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह के खिलाफ एयर स्ट्राइक से पहले दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के निवासियों को घर खाली करने की चेतावनी दी थी. अलर्ट के बाद हजारों दक्षिणी लेबनानी से बेरूत की ओर भागते देखे गए. कई गांव-कस्बे खाली हो गए हैं. यहां 2006 के बाद सबसे बड़ा पलायन देखा गया. दक्षिणी बंदरगाह शहर सिडोन से बाहर मुख्य राजमार्ग पर बेरूत की ओर जाने वाली सड़कों पर वाहनों से जाम लग गया.

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इजरायल ने घर खाली करने की चेतावनी दी

इससे पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक संदेश जारी किया है. उन्होंने लेबनानी नागरिकों से आग्रह किया कि इस चेतावनी को गंभीरता से लें. नेतन्याहू ने कहा, कृपया अब नुकसान के रास्ते से हट जाएं. एक बार हमारा ऑपरेशन खत्म हो जाए तो आप सुरक्षित रूप से वापस अपने घर आ सकते हैं.

इजरायल के सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा, सेना हिज्बुल्लाह को लेबनान की सीमा से बाहर निकालने के लिए जो भी जरूरी होगा, वो करेगी. हगारी ने दावा किया कि सोमवार के व्यापक एयर स्ट्राइक ने हिज्बुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने ऑपरेशन खत्म होने की कोई समय-सीमा नहीं दी और कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो इजरायल लेबनान पर जमीनी आक्रमण शुरू करने के लिए तैयार है.

लेबनान के घरों में घातक हथियार छिपे मिले

हगारी का कहना था कि लेबनान में 1600 टारगेट को पूरी तरह खत्म किया है. अधिकांश हमले उन घरों में किए गए, जहां हिज्बुल्लाह ने हथियार छिपाकर रखे थे. इनमें सैकड़ों किलोमीटर तक टारगेट करने वाली क्रूज मिसाइलें, 1,000 किलोग्राम वारहेड वाले भारी रॉकेट, 200 किलोमीटर तक की दूरी तक मार करने वाले रॉकेट, कम दूरी के रॉकेट और सशस्त्र मानवरहित हवाई वाहन शामिल थे.

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