एयर इंडिया 171 हादसे पर इटली के अखबार का दावा: पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किया

नई दिल्ली

अहमदाबाद में एअर इंडिया फ़्लाइट क्रैश की जांच कर रहे इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि यह हादसा किसी टेक्निकल खराबी की वजह से नहीं हुआ था, बल्कि यह एक 'जानबूझकर की गई हरकत' का नतीजा था. इटैलियन डेली अख़बार Corriere della Sera ने नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच हुई ताज़ा बातचीत से वाकिफ़ दो सोर्स का हवाला देते हुए रिपोर्ट किया. हालांकि, DGCA की ऑफिशियल रिपोर्ट जारी होने से पहले कुछ भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी.

रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन इन्वेस्टिगेटर्स इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 12 जून, 2025 को इंजन में फ्यूल कट-ऑफ के बाद हुआ क्रैश किसी मैकेनिकल खराबी की वजह से नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक्टिविटी की वजह से हुआ था. अधिकारी अब अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट का ड्राफ़्ट बनाने की तैयारी कर रहे हैं.

अख़बार ने आगे कहा कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को 'एक बड़ी कामयाबी' बताया है.

इटली के एक अखबार ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी रिपोर्ट में कह सकते हैं कि एयर इंडिया की फ्लाइट 171 एक पायलट के ऐक्शन के कारण क्रैश हो गई थी। अखबार ने पश्चिमी एविएशन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा है कि भारतीय जांचकर्ता अपनी फाइनल जांच रिपोर्ट में बता सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग जानबूझकर’ विमान के फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे।

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पायलट ने ‘जानबूझ’ कर बंद किए फ्यूल स्विच
इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने अपनी रिपोर्ट में पश्चिमी विमानन एजेंसियों के सूत्रों के हवाले से कहा कि जांचकर्ता अपनी फाइनल रिपोर्ट में ऐसा कह सकते हैं कि एयर इंडिया फ्लाइट 171 इसलिए क्रैश हुई क्योंकि एक पायलट ने ‘लगभग पक्का' ‘जानबूझ कर’ फ्यूल स्विच बंद कर दिए थे। ये नतीजे कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग की जांच के साथ इस बात पर भी आधारित हैं कि विमान में कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई।

260 लोगों की हुई थी मौत
दावे पर भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का रिएक्शन नहीं मिल सका है। बता दें कि 12 जून को एअर इंडिया का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट 171) अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ करने के तुरंत बाद क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोग मारे गए थे। एयरक्राफ्ट दोनों इंजनों से थ्रस्ट खत्म होने के 32 सेकंड बाद एक मेडिकल छात्रों के एक हॉस्टल पर गिर गया था।

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पायलट एसोसिएशन ने की निंदा
हालांकि यह साफ नहीं है कि फाइनल रिपोर्ट में इसका जिक्र होगा कि स्विच जानबूझकर कैसे बंद किए गए थे? या यह भी कि साफ तौर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी? रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध एयरक्राफ्ट कमांडर सुमीत सभरवाल हैं। हालांकि इंडियन पायलट एसोसिएशन और सभरवाल के परिवार ने इस दावे की निंदा की है। उनका कहना है कि यह हादसे के लिए किसी को जिम्मेदार ठहराने की एक सोची-समझी कोशिश है। हादसे में विमान निर्माता, एयरलाइन समेत अन्य फैक्टर की बारीकी से जांच की जानी चाहिए।

जांच में केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि दिसंबर में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के भारतीय जांचकर्ता वाशिंगटन गए थे। उन्होंने वहां नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड की लैब में विमान के ब्लैक बॉक्स के डेटा का फिर से एनालिसिस किया था। इसमें खास तौर पर केबिन ऑडियो रिकॉर्डिंग पर फोकस किया गया था। ऑडियो एनालिसिस से यह साफ हो गया था कि किस पायलट ने जानलेवा ऐक्शन लिया।

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अमेरिकी एक्सपर्ट्स को नहीं मिली तकनीकी खामी
अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बोइंग 787 के सिम्युलेटर टेस्ट करने वाले अमेरिकी एक्सपर्ट्स को कभी ऐसा कुछ नहीं मिला जिसमें दोनों इंजन किसी खराबी की वजह से बंद हो गए हों। हादसे के पीछे इंसानी दखल (जानबूझकर या गलती) ही एकमात्र वजह थी। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर के आधार पर पश्चिमी देशों के विशेषज्ञों के आकलन में सभरवाल की ओर इशारा किया गया। यही नहीं इंजन एक के बाद एक बंद हुए। पहले बायां जहां कैप्टन बैठते हैं इसके बाद दायां इंजन…

शुरुआती रिपोर्ट में भी फ्यूल स्विच का जिक्र
सनद रहे हादसे के एक महीने बाद जारी शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि फ्यूल स्विच को 'रन' से ‘कटऑफ’ पर ले जाने के बाद इंजन लगभग एक साथ बंद हो गए। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट यह पूछते हुए रिकॉर्ड हुआ कि आपने इंजन क्यों बंद किए? इस पर दूसरे ने जवाब दिया कि मैंने नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया था कि किस पायलट ने इनमें से कौन सी बात कही थी।