जिस देश मे हिंदी मातृ भाषा वहा हिंदी मीडियम स्कूल बंद करना निंदनीय : हरबंश

Johar36garh (Web Desk)|जांजगीर जिला में हिंदी स्कूल को बंद करने को लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष शेषराज हरबंश ने अपने ही सरकार के प्रति नाराजगी जताई है |  उन्होंने सरकार को एक ही स्कूल में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था करने की बात कही है |

जिस देश मे हिंदी मातृ भाषा हो। जहा हिंदी से कामकाज करने के लिए लोगो को प्रोत्साहित किया जाता हो। वहां हिंदी मीडियम स्कूल बंद करना निंदनीय है। बच्चे अपने मातृ भाषा से प्रेम करते है। हिंदी हर भारतवासी के जेहन में है ऐसे में सरकार द्वारा हिंदी मीडियम स्कूलों को बंद न कर अगल से अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोले जाने चाहिए। यह बातें कांग्रेस अनुसूचित जाति महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष शेषराज हरबंश ने कही। शहर के एकमात्र हिंदी मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल को बंद किये जाने को लेकर शेषराज हरबंश ने नाराजगी जताते हुए बताया की नगर के अलावा नैला, खोखसा और कुलीपोटा के स्कूल से दसवीं पास करने वाले विद्यार्थी जो शहर में पढ़ने आते हैं, उन्हें अब दूसरा विकल्प देखना होगा या फिर अपने गांव से पांच किमी दूर पढ़ने के लिए जाना होगा। नही तो छात्रों को निजी विद्यालय की शरण लेनी होगी। ऐसे में अभिभावकों पर फीस का भार होगा।

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विकल्प तलाशे सरकार
शेषराज हरबंश ने कहा मैं इंग्लिश मीडियम स्कूल का विरोध नहीं करती हूं। आज के दौर में हिंदी के साथ इंग्लिश का ज्ञान भी बहुत जरूरी है। इसके लिए सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था का सृजन करना होगा। एक ही स्कूल में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की व्यवस्था करनी होगी। जिससे यहां पढ़ने वाले छात्र कही और पढ़ने जाने के लिए विवश नही होंगे।