केमिकल फैक्ट्री में धमाके, पांच किमी तक दहल गई धरती, कंकाल में बदल गए शव, 11 मजदूर जिंदा जले, 17 लोग बुरी तरह से झुलसे

यूपी के हापुड़ में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर फटने से तेज धमाके के साथ आग लग गई। तेज धमाके के बाद लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दमकल कर्मियों को हादसे की सूचना दी गई। इस हादसे में 11 मजदूर जिंदा जल गए हैं। जबकि 17 लोग बुरी तरह से झुलस गए। हादसे की खबर पाकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। फैक्ट्री में राहत बचाव कार्य भी जारी है।

जिले के धौलाना क्षेत्र के यूपीआईडी की फैक्ट्री है, जिसमें इलेक्ट्रानिक्स सामान का केमिकल बनता है। बताते हैं कि शनिवार दोपहर बाद अचानक से फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। तेज धमाके के साथ फटे बॉयलर से आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। बताते हैं कि हादसे के दौरान फैक्ट्री के अंदर करीब 25 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। हादसे में 11 मजदूर जिंदा जल गए हैं जबकि 17 मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। हादसे की खबर पाकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है।

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कमिश्नर सुरेंद्र सिंह और आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि धौलाना में यूपीएसआईडी में वर्ष 2019 में 500 गज में फैक्ट्री बनाई गई थी, मेरठ के दिलशाद ने रुही इलेक्ट्रिक के नाम से फैक्ट्री का संचालन शुरू किया था लेकिन चार महीने पहले हापुड़ निवासी वसीम ने इसे किराए पर लेकर प्लास्टिक गन बनाने का काम शुरू किया। माना जा रहा है कि ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से सोडियम में विस्फोट हो गया। आशंका है कि प्लास्टिक गन के साथ यहां उनकी गोलियां भी बन रही थीं, इसी वजह से इतना भीषण विस्फोट हुआ।

आईजी ने बताया कि फैक्ट्री में एक टीन के कमरे में सोडियम रखा हुआ था। फैक्ट्री के अंदर एक छोटा ट्रांसफार्मर भी रखा था। संभवत: ट्रांसफार्मर से आग लगी और ज्यादा गर्मी से अंदर रखे सोडियम में विस्फोट हुआ है। हादसे के वक्त काम कर रहे 28 मजदूर फैक्ट्री बंद होने के कारण फंस गए। इनमें से नौ लोगों की मौके पर जलकर मौत हो गई जबकि दो लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि 17 घायलों का मेरठ और गाजियाबाद में इलाज चल रहा है।

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तीन बजे जैसे ही भीषण विस्फोट हुआ तो पांच किमी तक लोग सहम गए। पास ही स्थित तीन फैक्ट्रियां भी क्षतिग्रास्त हो गईं, जबकि इस फैक्ट्री की टीन की छत, दीवर तथा मशीन भी उड़ गईं। शाम को सात बजे प्रशासन ड्रोन कैमरे से पास स्थित फैक्ट्रियों की छतों का जायजा लिया।

फैक्ट्री में विस्फोट के बाद तीन लोगों के शव बाहर आकर गिरे। यहां हालात दिखे वह दिल दहलाने वाले थे। कई शव ऐसे थे जो आग के कारण कंकाल में तब्दील हो चुके थे। इसके अलावा, कई शव इतने झुलस चुके थे कि उनकी शिनाख्त कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था।

फोरेसिंक टीम घटनास्थल से जांच के लिए नमूने लिए हैं। विस्फोट होने के कारणों को अन्य प्वाइंट पर जांच कराई जा रही है। आईजी ने कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।