शेयर मार्केट : कुछ ही मिनटों में निवेशकों के 2.56 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

कच्चे तेल की बढ़ती कीमत (crude oil price) और दुनियाभर के बाजारों में भारी बिकवाली (selloff) के बीच घरेलू शेयर मार्केट आज गिरावट के साथ खुले और दिन चढ़ने के साथ उनमें गिरावट बढ़ती गई। आरबीआई की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी की भी बैठक (RBI MPC meeting) चल रही है। इसे लेकर भी निवेशक सतर्क है। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 752.43 अंक यानी 1.35 फीसदी गिरावट के साथ 54,925.89 अंक पर पहुंच गया। एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) 205.95 अंक यानी 1.24 फीसदी गिरावट के साथ 16,363.60 अंक पर आ गया।

टाइटन कंपनी (Titan Company), डॉ रेड्डीज लैब (Dr Reddy’s Lab) , यूपीएल (UPL), एलएंडटी (L&T), अल्ट्राटेक सीमेंट (UltraTech Cement), एचयूएल (HUL) और एशियन पेंट्स (Asian Paints) के शेयरों में दो से पांच फीसदी तक गिरावट आई। दूसरी ओर ओएनजीसी (ONGC), कोल इंडिया (Coal India), बीपीसीएल (BPCL) और एनटीपीसी (NTPC) के शेयरों में पांच फीसदी तक तेजी आई। इस गिरावट से निवेशकों को 2.56 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा और बीएसई की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 253.84 लाख करोड़ रुपये रह गया। यहां हम उन कारणों के बारे में बता रहे हैं जिनकी वजह से शेयर बाजार में गिरावट आई है..

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तेल की कीमत में एक बार फिर तेजी आ रही है। दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक देश सऊदी अरब ने एशियाई खरीदारों के लिए जुलाई में तेल की कीमतें बढ़ा दी है। इससे अमेरिका में बेंचमार्क यूएस क्रूड की कीमत 91 सेंट की बढ़ोतरी के साथ 119.41 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत में 87 सेंट के साथ 120.38 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। हाल में कच्चे तेल की कीमत 139 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई थी जो 2008 के बाद इसका उच्चतम स्तर था। कच्चे तेल की कीमत में तेजी से दुनियाभर के शेयर बाजारों में निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।

आरबीआई की मॉनीटरी पॉलिसी बैठक चल रही है और बुधवार को इसमें लिए गए फैसलों की घोषणा की जाएगी। इसे लेकर भी निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। आरबीआई ने बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए हाल में रेपो रेट में 40 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की थी। माना जा रहा है कि आरबीआई एक बार फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि अगर रेपो रेट में 50 बीपीएस की भी बढ़ोतरी की जाती है तो इससे मार्केट को ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि यह महंगाई को काबू करने में ज्यादा कारगर रहेगा।

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