रांची के राज अस्पताल में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स को पैर पर चोट लगी थी मगर सिर पर इंफेक्शन की बात कहकर उसे आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। यही नहीं इसके बाद शख्स की मौत भी हो गई। यही नहीं ईलाज के नाम पर अस्पताल ने परिजनों को 22 लाख रुपये का बिल थमा दिया। परिजनों का आरोप है कि स्थिति हाथ से निकलता देख अस्पताल प्रशासन ने मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करने के लिए भी कहा और इसके अलावा २२ लाख रुपये का बिल भी थमा दिया।
परजिनों ने इसके बाद अस्पताल परिसर में ही जमकर हंगामा किया और लापरवाही का आरोप लगाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहीं मामला बढ़ता देख मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री को तत्काल संज्ञान लेने और मामले की पूरी जांच करवाने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने वीडियो शेयर कर क्या कहा?
सीएम ने खुद अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा ‘रांची के उपायुक्त तत्काल संज्ञान लें मामले की पूरी जांच करें। दोषी पाए जाने पर सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सूचना दें।
वहीं मुख्यमंत्री के निर्देश मिलने के तुरंत बाद ही उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री एक्शन में आए। उन्होंने एक्स पर जानकारी दी कि ‘माननीय महोदय वर्णित मामलें में संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन सदर रांची को जांच करते हुए कार्रवाई करने का निर्देश दिए गए है। साथ ही जिला स्तरीय जांच टीम बना कर जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दे दिए गए है।’
क्या है पूरा मामला?
परिजनों का कहना है कि मरीज को एक दुर्घटना में पैर पर गंभीर चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन मरीज को इंफेक्शन की बात कह वेंटिलेटर पर डाल दिया। परिजनों का कहना है कि जब चोट पैर में थी तो फिर इंफेक्शन सिर में कैसे हो गया? यह पूरी तरह से अस्पताल की लापरवाही है।
अस्पताल का क्या कहना?
राज अस्पताल प्रशासन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। अस्पताल का कहना है कि मरीज को 24 मई को सड़क दुर्घटना के बाद गंभीर चोटें आई थीं। भर्ती के वक्त मरीज के मस्तिष्क में रक्तस्राव, रीढ़, फेफड़ों, पॉलीट्रामा और कई फ्रैक्चर के साथ भर्ती किया गया था। एक्सपर्ट डॉक्टरों की एक टीम की देखरेख में इलाज किया गया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज के बाएं पैर में बहुत गंभीर इन्फेक्शन था और खून का दौरा भी रुक गया था। मरीज क की जान बचाने के लिए पैर काटने की सलाह भी दी गई थी, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं हुए।
सिर्फ पैर टूटा था… ICU में भर्ती कर बना दिया ₹22 लाख का बिल, ओर फिर जान भी चली गई,😡😡
रांची के राज हॉस्पिटल में एक मरीज को एडमिट कराया गया था क्योंकि उसका पैर फ्रैक्चर हुआ था,
भर्ती करने के बाद मरीज की 2–3 दिन तक ड्रेसिंग नहीं की गई, जिसके कारण शरीर में इंफेक्शन फैल गया,… pic.twitter.com/1JuHTJqi1A
— ʀᴜᴅʜʀᴀ ʏᴀᴅᴀᴠ🇮🇳 (@Rudhrayadav001) July 4, 2026
.@DC_Ranchi तत्काल संज्ञान ले मामले की पूरी जांच करें। दोषी पाए जाने पर सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सूचना दें। https://t.co/MdtZ1Vil9M
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) July 4, 2026