लंबी फ्लाइट की थकान होगी गायब! वैज्ञानिकों ने खोजा शरीर को तुरंत तरोताज़ा करने वाला नया फॉर्मूला

लंबी हवाई यात्रा के बाद होने वाली थकान या अलग-अलग शिफ्ट में काम करने की वजह से बिगड़ी हुई नींद अब बीते दिनों की बात हो सकती है। जापान के वैज्ञानिकों ने एक क्रांतिकारी दवा 'मिक 628' की खोज की है, जो शरीर की 'इंटरनल क्लॉक' को तेजी से आगे खिसकाने में मदद करती है। इस दवा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह अनिद्रा और थकान से राहत दिलाने में बेहद असरदार साबित हो रही है।

चूहों पर सफल रहा प्रयोग
वैज्ञानिकों ने इस दवा का परीक्षण चूहों पर किया, जिसके नतीजे चौंकाने वाले रहे। शोध के दौरान चूहों के लिए दिन और रात के समय को 6 घंटे आगे बढ़ाकर 'जेट लैग' जैसी स्थिति पैदा की गई। जिन चूहों को 'मिक 628' की एक खुराक दी गई, वे सामान्य चूहों की तुलना में 3 दिन पहले ही नए समय के अनुसार ढल गए। इस प्रयोग से यह साफ हुआ कि यह दवा जेट लैग से उबरने के समय को लगभग आधा कर देती है।

See also  12 साल तक किसान के घर रही मां लक्ष्मी, जानिए धनतेरस से जुड़ी ये अद्भुत कथा

कैसे काम करती है यह दवा?
यह महत्वपूर्ण शोध अमेरिका की राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी की पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। वैज्ञानिकों ने सबसे पहले शरीर की अंदरूनी घड़ी को नियंत्रित करने वाले एक खास जीन की पहचान की। 'मिक 628' दवा इसी जीन को सक्रिय करती है, जिससे शरीर का चक्र तेजी से बदल जाता है। इस दवा की एक और खास बात यह है कि इसे लेने के समय का इसके असर पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ता, जो इसे अन्य दवाओं से अलग बनाता है।

भारतीयों के लिए क्यों है खास?
आज के दौर में भारतीयों का विदेश दौरा काफी बढ़ गया है। आंकड़ों के अनुसार, साल 2024-25 में करीब 3.17 करोड़ भारतीयों ने लंबी हवाई यात्राएं कीं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों को अक्सर समय के अंतर के कारण नींद न आने और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अगर यह दवा बाजार में आती है, तो इन करोड़ों यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

See also  खराब दिनचर्या से दिल पर पड़ सकता है गहरा असर

अब इंसानों पर होगा परीक्षण
चूहों पर मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब वैज्ञानिक इस दवा को इंसानों पर परखने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके सुरक्षा मानकों और प्रभाव का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। अगर इंसानों पर होने वाले परीक्षण सकारात्मक रहते हैं, तो यह दवा न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आएगी।