रेल नेटवर्क में बड़ा बदलाव: जबलपुर-कोटा नई लाइन से स्टेशनों के बाहर दौड़ेंगी मालगाड़ियां

जबलपुर.

भारतीय रेल (Indian Railways) अब अपनी परिचालन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने और बड़े जंक्शनों पर बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए 'बाइपास रेल लाइन' का जाल बिछाया जाएगा। पश्चिम मध्य रेल (WCR) ने इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत आठ प्रमुख स्थानों को चिह्नित किया है।

इन शहरों में प्रस्तावित है बाइपास
रेलवे की इस योजना के केंद्र में जबलपुर, कोटा, बीना, गुना, रुठियाई, सवाई माधोपुर, कछपुरा और रामगंज मंडी जैसे व्यस्त स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर प्रस्तावित बाइपास लाइनों की कुल लंबाई लगभग 166 किलोमीटर होगी। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य मालगाड़ियों को मुख्य स्टेशनों के बाहर से ही उनके गंतव्य की ओर रवाना करना है।

सर्वे के लिए बजट स्वीकृत
रेलवे बोर्ड ने इस परियोजना की गंभीरता को देखते हुए इसके प्रारंभिक सर्वेक्षण (Survey) के लिए 83 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। वर्तमान में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसे इन बाइपास लाइनों से जोड़कर ट्रेनों के आवागमन को और सुगम बनाया जाएगा।

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मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का अलग होगा रास्ता
अभी स्थिति यह है कि मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक और स्टेशनों का उपयोग करती हैं। बड़े स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म खाली न होने के कारण अक्सर ट्रेनों को आउटर पर रोकना पड़ता है। बाइपास बनने से मालगाड़ियां शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही निकल जाएंगी, जिससे मुख्य स्टेशनों पर ट्रैक खाली रहेंगे और यात्री ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा।

इटारसी में अंतिम चरण का काम
देश के सबसे व्यस्ततम जंक्शनों में शुमार इटारसी में बाइपास का काम पहले से ही निर्माणाधीन है। यहाँ शेष बचे 9 किलोमीटर के हिस्से के लिए जल्द ही फाइनल सर्वे शुरू किया जाएगा। इस छोटे से खंड के पूरा होते ही इटारसी जंक्शन पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।