युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : जंतर मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज और बर्बरता के खिलाफ आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद संसद परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं। देर रात पुलिसिया कार्रवाई का वीडियो देखने के बाद चंद्रशेखर इतने आहत हुए कि उसी समय संसद पहुंचे और अकेले ही धरना शुरू कर दिया है।
युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : जंतर मंतर पर सोमवार को युवाओं पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और बर्बरता से पिटाई से आक्रोशित आजाद समाज पार्टी के सांसद और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद रात से ही संसद परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। चंद्रशेखर ने पुलिस कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग कांड से कर दी। कहा कि उस कांड को तो हम लोगों ने नहीं देखा लेकिन जंतर मंतर पर जो कुछ देखा है, उसने जलियांवाला बाग की याद जरूर ताजा कर दी है। भारी बारिश के बीच चंद्रशेखर आजाद अकेले ही धरना दे रहे हैं।
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत। pic.twitter.com/14uRLsh41v— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) July 22, 2026
युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : नीट परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में भी चंद्रशेखर सोमवार को गए थे। जंतर-मंतर से सोमवार को संसद मार्च का आयोजन किया गया था। इसी दौरान पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसाईं, आंसू गैस के गोले छोड़े। कई लड़कियों ने कपड़े फाड़ने का भी आरोप लगाया। सादी वर्दी में भी पहुंचे पुलिस वालों ने कहर ढाया।
युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : यूपी नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि दिन में तो जंतर-मंतर और आसपास जैमर लगे हुए थे। रात में जब अपने आफिस गया और पुलिसिया कार्रवाई के वीडियो देखे तो मुझसे रहा नहीं गया। मुझे लगा कि जब यह बच्चे भूखे प्यासे सड़कों पर रात में भी घूम रहे हैं।
आंदोलन कर रहे हैं तो मैं कैसे चुप रहूंगा। एक युवा होने का कर्ज अदा करूंगा, इस मिट्टी का कर्ज अदा करूंगा। इसके बाद रात में ही यहां आकर बैठ गया। बारिश न रुके फिर भी यहीं बैठा रहूंगा। मैं भी युवा हूं और युवाओं का दर्द समझता हूं। आज जो युवा आंदोलन में बैठे हैं, उनको समर्थन देने और उनकी मदद करने के लिए यहां बैठा हूं।

युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : बर्बरता ने जलियांवाला बाग की याद दिलाई
चंद्रशेखर ने कहा कि जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया। मैंने जलियांवाला बाग का वह दौर नहीं देखा, लेकिन आज जो दृश्य सामने आए, उन्होंने इतिहास के उस काले अध्याय की याद अवश्य दिला दी।
लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। यदि उस अधिकार का उत्तर बल प्रयोग से दिया जाए, तो यह केवल कुछ लोगों पर नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी आघात है।
युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : न मुद्दा खत्म हुआ है न आंदोलन
चंद्रशेखर ने कहा कि मैं देश के हर युवा साथी को भरोसा दिलाता हूं कि न यह मुद्दा खत्म हुआ है और न ही यह आंदोलन। आपका भाई हर कीमत पर आपके साथ खड़ा है। संसद से लेकर सड़क तक, इस लड़ाई को पूरी जिम्मेदारी, पूरी मजबूती और पूरी प्रतिबद्धता के साथ पहले भी लड़ी है और आगे भी पूरी ताकत के साथ लड़ूंगा। मैं केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि आपका भाई हूं। आपके अधिकार, सम्मान और भविष्य की इस लड़ाई में आखिरी दम तक आपके साथ रहूंगा।
पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर कल जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान हुई सरकारी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई तथा जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने के आदेश के विरोध में भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) 25 जुलाई को पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन देगी। pic.twitter.com/AKY0vvc8jd
— Aazad Samaj Party – Kanshi Ram (@AzadSamajParty) July 21, 2026
युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : पुलिस अपनी वर्दी दागदार न बनाएं
चंद्रशेखर ने कहा कि दिल्ली पुलिस से भी अपील करता हूं कि इन मासूम, पढ़ने-लिखने वाले युवाओं पर लाठियां चलाकर अपनी वर्दी को दागदार न करें। ये बच्चे भी इसी देश के भविष्य हैं और किसी न किसी पुलिसकर्मी, किसान, मजदूर या आम परिवार के घर से ही निकले हैं। स्थिति को संवेदनशीलता, धैर्य और कानून के दायरे में रहकर संभालिए। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। वार्ता के बजाय दमन का रास्ता अपनाने से बात बनती नहीं, बल्कि बिगड़ती है।
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युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : उकसावे या अफवाह में न आएं युवा साथी
कहा कि सभी युवा साथियों से भी अपील करता हूं कि हर परिस्थिति में शांति, संयम और अनुशासन बनाए रखें। किसी भी उकसावे या अफवाह में न आएँ। हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारी एकता, हमारा लोकतांत्रिक संघर्ष और संविधान पर हमारा विश्वास है। हम लड़ेंगे, डटकर लड़ेंगे, लेकिन संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर अपने अधिकार लेकर रहेंगे।
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युवाओं पर बर्बरता के खिलाफ संसद में घरने पर बैठे सांसद आज़ाद : दोषियों पर कार्रवाई तक जारी रहेगा संघर्ष
कहा कि बच्चों को हुई पीड़ा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के संकल्प के साथ संसद भवन परिसर में परम पूज्य बाबा साहेब की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ रहा हूं। जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई नहीं होती, मेरा यह शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
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