NCERT ने इतिहास पाठ्यक्रम में किया बड़ा बदलाव, अकबर-टीपू की ‘ग्रेट’ उपाधि हटाई

 

एनसीईआरटी ने इतिहास के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। एनसीईआरटी ने बादशाह अकबर और टीपू सुल्तान  जैसे महत्वपूर्ण मुगल शासकों  के सामने से महान (ग्रेट) शब्द को हटा दिया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही उस बहस को आगे बढ़ाता है, जिसमें भारतीय इतिहास को सही और संतुलित नजरिए से दिखाने की मांग की जा रही थी।

एनसीईआरटी के इस फैसले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता सुनील आंबेकर और असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने स्वागत किया है। वहीं एनसीईआरटी के इस फैसले का विपक्ष ने विरोध किया है। हालांकि अभी ये सिर्फ दावा किया जा रहा है। एनसीईआरटी ने फिलहाल इसपर कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी खुशी जताते हुए कहा कि बहुत अच्छा हुआ है… मैंने अभी देखा नहीं है कि ऐसा हुआ। लेकिन अगर ये काम कर दिया गया है तो NCERT को मेरी ओर से धन्यवाद। आगे वह बोले- “टीपू-इपू को मारो एकदम, जहाँ भेजना है उधर भेज दो। समुद्र में फेंक दो।

See also  15 अगस्त से FASTag एनुअल पास लॉन्च, टोल पर सिर्फ ₹15 का चार्ज

वहीं RSS नेता सुनील आंबेकर ने कहा कि कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में ये संशोधन अगले साल से लागू होंगे। इन बदलावों से नई पीढ़ी को इतिहास की पूरी सच्चाई बताने में मदद मिलेगी। RSS नेता ने साफ किया कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्ति को किताबों से पूरी तरह हटाया नहीं गया है। इसके बजाय उनके अच्छे और बुरे.. यानी सकारात्मक और क्रूर, दोनों कामों का सही मूल्यांकन पेश किया गया है।

  इतिहास की किताबों में सकारात्मक बदलाव

RSS नेता सुनील आंबेकर के दावे के अनुसार, NCERT की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों से अब मुगल शासक अकबर और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम के साथ जुड़े ‘महान’ जैसे विशेषण हटा दिए गए हैं। यह फैसला इस विचार पर आधारित है कि किसी भी शासक को ‘महान’ कहने से पहले उसके सभी तरह के कामों और भारतीय समाज पर पड़े उनके प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए।

See also  'अवैध निर्माण वाली मस्जिद सील की जाएगी ', हिमाचल के मंडी में जबरदस्त बवाल के बाद डिप्टी कमिश्नर का ऐलान

किस क्लास की किताबों में हुआ बदलाव?

दावा किया गया है कि NCERT ने कुल 15 कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में से 11 कक्षाओं की किताबों में ये सकारात्मक बदलाव लागू कर दिए हैं। कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में ये संशोधन अगले शैक्षणिक वर्ष से पूरी तरह से लागू किए जाएंगे। यह बदलाव धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। इससे छात्रों और शिक्षकों को नए सिलेबस के साथ तालमेल बिठाने में आसानी होगी।