राजनीति नहीं चुनी, खुद बनाई पहचान… प्रतीक यादव के निधन से लखनऊ में शोक

लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा नाम मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का बुधवार को निधन हो गया। प्रतीक के जाने से न केवल यादव परिवार शोक में है, बल्कि लखनऊ के व्यावसायिक हलकों में भी सन्नाटा पसर गया है। जहां मुलायम सिंह का बेटा होने के नाते उनके लिए राजनीति का रास्ता सबसे आसान था, वहीं प्रतीक ने सत्ता की चकाचौंध से दूरी बनाकर अपनी मेहनत से 'व्यावसायिक साम्राज्य' खड़ा किया। लखनऊ में सबसे बड़ा जिम बनाया और रियल इस्टेट के कारोबार में भी खुद को मजबूत किया।

पिता की विरासत नहीं, खुद का रास्ता चुना
साल 2014 में जब मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी दोनों सीटों से लोकसभा चुनाव जीता था, तब सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर थी कि रिक्त होने वाली एक सीट से प्रतीक यादव चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन प्रतीक ने इन कयासों पर विराम लगा दिया। उन्होंने पिता की राजनीतिक विरासत के बजाय अपने जुनून जिम और रियल एस्टेट को अपना करियर चुना। उन्होंने साबित किया कि एक बड़े राजनीतिक घराने का वारिस भी एक सफल कॉर्पोरेट लीडर बन सकता है।

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लखनऊ का सबसे बड़ा जिम और फिटनेस साम्राज्य
प्रतीक यादव को 'फिट इंडिया' का पहला सियासी आइकन माना जाता है। उनके पास लखनऊ का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक जिम था। 11वीं में पढ़ने के दौरान ही 100 किलो से अधिक वजन के बाद भी प्रतीक ने अपनी फिटनेस यात्रा से सबको चौंका दिया था। उन्होंने न केवल वजन घटाया, बल्कि एक 'आयरन मैन' जैसी काया हासिल की। उनकी फिटनेस का लोहा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी माना गया और उनका सफर 'इंटरनेशनल फिटनेस मैगजीन' के कवर पेज तक पहुंचा। फिटनेस इंडस्ट्री में उनका बहुत बड़ा निवेश और प्रभाव था।

रियल एस्टेट और 'प्रतीक एडुविज' का सफर
प्रतीक की व्यावसायिक सूझबूझ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने विरासत में मिली संपत्ति को अपने टैलेंट से कई गुना बढ़ाया। लखनऊ के रियल एस्टेट मार्केट में उनका बड़ा नाम था। वे 'प्रतीक एडुविज' (Prateek Eduwiz) जैसी कंपनियों के जरिए कॉर्पोरेट जगत में सक्रिय थे। उनकी नेटवर्थ और व्यावसायिक पोर्टफोलियो में कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स शामिल थे। उन्होंने कभी भी अपने काम के लिए राजनीतिक प्रभाव का सहारा नहीं लिया, बल्कि अपनी व्यावसायिक योग्यता से अलग मुकाम हासिल किया।

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समाज सेवा और गो-सेवा का प्रेम
प्रतीक और उनकी पत्नी अपर्णा यादव को पशु प्रेम के लिए भी जाना जाता है। लखनऊ के कान्हा उपवन में अपर्णा की एक बड़ी गोशाला है। इस गोशाला में खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरा कर चुके हैं और सराहना भी की थी। प्रतीक इस गोशाला के प्रबंधन और समाज सेवा के कार्यों में भी सहयोग करते थे। इसके अलावा स्ट्रीट डॉग को लेकर भी वह चिंतित रहते और उनकी व्यवस्थाओं में भी कई कार्य किए थे। आज वे अपने पीछे एक सफल बिजनेस एम्पायर, करोड़ों की संपत्ति और फिटनेस की एक प्रेरणादायी कहानी छोड़ गए हैं।