पामगढ़ में खनिज उत्खनन : जन सुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने किया विरोध, सही जानकारी होने के कारण नहीं पहुंचे लोग

JJohar36garh News|जांजगीर जिला पामगढ़ के ग्राम भैसों के धान खरीदी केंद्र में खनिज उत्खनन के पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए जनसुनवाई रखी गई थी। इस जनसुनवाई में गिनती कुछ ही ग्रामीण शामिल हुए|  सभी ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने बताया कि जनसुनवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी गांव में नहीं दी गई थी जिसकी वजह से यहां पर्याप्त ग्रामीण पहुंच नहीं पाए जबकि शासन ने दावा किया है कि उन्होंने समाचार पत्रों और कोटवार के माध्यम से गांव में जन सुनें जनसुनवाई की जानकारी पहुंचाई है।

दरअसल जिला प्रशासन द्वारा शुक्रवार की सुबह 11:00 बजे ग्राम पंचायत भैंसों के धान खरीदी केंद्र में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। जन सुनवाई के लिए अपर कलेक्टर लीना कोसम, पामगढ़ एसडीएम करुण डहरिया, पामगढ़ तहसीलदार जय श्री राजन पथे और शिवरीनारायण तहसीलदार संदीप साय को दंडाधिकारी/ कार्यपालिक दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। जनसुनवाई सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चली।  जनसुनवाई में कुछ ही लोग मौजूद थे । मौजूद ग्रामीणों ने क्षेत्र में खनिज उत्खनन का विरोध किया। ग्रामीणों ने जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाया कि इस जनसुनवाई की सही जानकारी उन्हें नहीं दी गई थी। जिसकी वजह से यहां पर्याप्त मात्रा में ग्रामीण नहीं पहुंच पाए। उन्होंने इस खनिज उत्खनन का लिखित में और खुले तौर पर विरोध किया है।

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ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थान पर प्रतिवर्ष धान खरीदी की जाती है 1 दिसंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है उन्हें कोटवार के द्वारा बताया गया कि धान खरीदी के संबंध में किसी को कोई आपत्ति हो तो वह धान खरीदी केंद्र पहुंच जाए और अपनी समस्या रखें। इसलिए कोई ग्रामीण यहां नहीं पहुंचा। अगर उन्हें खदान खोलने की जानकारी हुई होती तो यहां गांव भर के ग्रामीण पहुंचे रहते हैं। इस संबंध में कोटवार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पटवारी और सरपंच द्वारा धान खरीदी के संबंध में जनसुनवाई होने की जानकारी ग्रामीणों को सुनाने की बताने को कहा गया था। तो उन्होंने उसी बात को ग्रामीणों को बताई |