Skip to content
  • Thursday, January 22, 2026
johar36garh.com

johar36garh.com

johar36garh news | www.johar36garh.com | Pamgarh News

Banner Add
  • होम
  • देश
  • छत्तीसगढ़
  • फायदे की खबर
  • क़ानूनी सलाह
  • राशिफल
  • सरकारी योजनाएं
  • अजब गजब
  • व्यापार
  • जीवनशैली
  • रोजगार
  • भारतीय संविधान
  • Home
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को थमाई फंगस लगी टैबलेट, OPD से गायब थे डॉक्टर, CMHO से की शिकायत
मध्य प्रदेश

भोपाल के जेपी अस्पताल में मरीज को थमाई फंगस लगी टैबलेट, OPD से गायब थे डॉक्टर, CMHO से की शिकायत

January 4, 2026
Admin

भोपाल.

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मुख्य जिला अस्पताल (जय प्रकाश अस्पताल) में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल की फार्मेसी से एक मरीज को ऐसी दवा दी गई, जिस पर साफ तौर पर फफूंद (Fungus) जमी हुई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस टैबलेट की एक्सपायरी डेट अभी 18 महीने बाद (जून 2027) की है।

ओपीडी में वरिष्ठ डॉक्टरों की अनुपस्थिति में इंटर्न ने मरीज को यह दवा लिखी थी। जान से खिलवाड़ के इस मामले में पीड़ित मरीज ने CMHO को फोटो के साथ ऑनलाइन शिकायत भेजकर जांच की मांग की है। इस घटना ने सरकारी दवाओं की गुणवत्ता और उनके रखरखाव (Storage) पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

जेपी अस्पताल में फफूंद लगी दवा का मामला

भोपाल के जेपी अस्पताल में शुक्रवार शाम एक ऐसी लापरवाही उजागर हुई जो किसी की जान भी ले सकती थी। सतीष सेन नामक मरीज अपने पैर में चोट लगने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा था। शुक्रवार शाम को मरीज जेपी अस्पताल की ओपीडी पहुंचा। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने फ्रैक्चर का संदेह होने पर मरीज को एक्सरे करवाने की सलाह दी और दर्द निवारक दवाइयाँ लिख दीं। इसके बाद अस्पताल की फार्मेसी से टैबलेट ली गई, दवा की स्ट्रिप की ज्यादातर गोलियों में सफेद फफूंद लगी हुई थी।

See also  मध्यप्रदेश के 14 आईएएस अधिकारी भेजे जाएंगे जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव में

ओपीडी से नहीं थे डॉक्टर, इंटर्न ने किया चेकअप

मरीज सतीष के अनुसार, जब वे शाम 5 बजे हड्डी रोग विभाग (Orthopedic) पहुंचे, तो वहां कोई भी वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद नहीं था। काफी देर इंतजार करने के बाद वहां ड्यूटी पर मौजूद इंटर्न डॉक्टरों ने ही उनका चेकअप किया और 'डिक्लोफेनाक 50 एमजी' (दर्द निवारक) टैबलेट लिख दी। जब वे अस्पताल की फार्मेसी (मेडिकल स्टोर) से दवा लेकर घर पहुंचे, तो स्ट्रिप खोलते ही वे दंग रह गए।

2027 है एक्सपायरी डेट, दवा में लगी फफूंद

मरीज को जो दवा दी गई उसका बैच नंबर DSM 25002 है और इसकी एक्सपायरी डेट जून 2027 अंकित है। स्ट्रिप की ज्यादातर गोलियों पर सफेद फंगस की मोटी परत जमी हुई थी। यह दवा मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम लिमिटेड (MPPHSCL) द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को अस्पताल को सप्लाई की गई थी। मरीज का सवाल है कि यदि वह अंधेरे में या बिना देखे यह दवा खा लेता, तो उसकी जान का जिम्मेदार कौन होता?

See also  10 करोड़ की MD ड्रग्स फैक्टरी का इंदौर कनेक्शन, 36 घंटे बाद भी फरार 'असली खिलाड़ी'

CMHO से शिकायत, अटैच की दवा की फोटो

पीड़ित मरीज सतीष सेन ने इस पूरी घटना को लेकर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. मनीष शर्मा को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत को पुख्ता करने के लिए मरीज ने फफूंद (Fungus) लगी दवाओं की स्पष्ट तस्वीरें भी प्रमाण के तौर पर अटैच की हैं। मरीज ने CMHO को दवा फोटो के साथ ऑनलाइन शिकायत भेजकर जांच की मांग की।

लापरवाही नहीं, यह जान से खिलवाड़ है…

सतीष सेन ने अपनी शिकायत में कड़ी नाराजगी जताते करते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों की दवाओं पर प्रदेश का गरीब और मध्यम वर्ग आंख बंद करके भरोसा करता है। उन्होंने सवाल उठाया "मैं खुद सतर्क था, इसलिए दवा देख ली, लेकिन उस अनपढ़ या बुजुर्ग मरीज का क्या होता जो डॉक्टर पर भरोसा कर बिना देखे यह जहरीली दवा खा लेता?" उन्होंने स्पष्ट तौर पर इसे केवल लापरवाही न मानकर मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है।

See also  भारत-न्यूजीलैंड मैच टिकट केवल 800 रुपये में, बुकिंग 18 जनवरी से शुरू

लिखित शिकायत में की गई प्रमुख मांगें

  • त्वरित जांच: इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और तत्काल जांच शुरू की जाए।
  • क्वालिटी ऑडिट: अस्पताल की फार्मेसी (ड्रग स्टोर) में रखे दवाओं के पूरे स्टॉक का 'क्वालिटी ऑडिट' हो, ताकि अन्य खराब दवाओं का पता चल सके।
  • दोषियों पर एक्शन: दवा सप्लाई करने वाले जिम्मेदारों और स्टोर प्रबंधन के दोषी अधिकारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
  • सुरक्षा का भरोसा: भविष्य में ऐसी जानलेवा गलती न दोहराई जाए और मरीजों को शुद्ध व सुरक्षित दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो।

कोल्ड्रिफ कांड के बाद बढ़ा डर

हाल ही में प्रदेश में हुए 'कोल्ड्रिफ सिरप कांड' के बाद से ही दवाओं को लेकर लोगों में में डर का माहौल है। अब टेबलेट में फंगस मिलने से जिला अस्पताल के ड्रग स्टोर की स्वच्छता और स्टोरेज क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं। नियमों के मुताबिक, दवाओं को एक निश्चित तापमान पर रखा जाना चाहिए, जिसकी अनदेखी इस स्थिति की मुख्य वजह हो सकती है।

Tags: Bhopal JP Hospital

Post navigation

भोपाल SIR में नो मैपिंग वाले वोटर गैस क्लेम का अंतिम आदेश भी पेश कर सकेंगे, एक लाख मतदाताओं को नोटिस
छत्तीसगढ़ के पुलिस कर्मियों की हुई कार्यशाला, वित्तीय सशक्तिकरण के लिए निवेश और बचत को बताया जरूरी

लेटेस्ट खबर

मध्य प्रदेश

भोपाल सहित पूरे कंपनी कार्यक्षेत्र में अब तक 06 लाख, 57 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर स्थापित

January 22, 2026
Admin
मध्य प्रदेश

एमपी में टेक्नोलॉजी हब को लेकर बड़ी पहल, दावोस में HCL टेक ने दिखाई रुचि

January 22, 2026
Admin
मध्य प्रदेश

अब किसान करेंगे खाद की ऑनलाइन बुकिंग, एमपी के सवा करोड़ किसानों की पोर्टल पर मैपिंग

January 22, 2026
Admin
देश

स्वदेशी भार्गवास्त्र से 64 टारगेट नष्ट, पाक के ड्रोन्स को मिलेगा कड़ा जवाब

January 22, 2026
Admin

संपादक

सम्पर्क करें

Basant Khare
Editor in chief

Janjgir Disst office
Jagni Celebration Link Road Janjgir

Head Office Address
Anurag Print creations
Janjgir road pamgarh
E-mail: johar36garh@gmail.com
Mob: 9669355416

खोजे

खबर ढूंढे

January 2026
SMTWTFS
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
« Dec    
Copyright © 2026 johar36garh.com
Advertisement
Theme by: Theme Horse
Proudly Powered by: WordPress
  • छत्तीसगढ़
  • देश
  • फायदे की खबर
  • क़ानूनी सलाह
  • राशिफल
  • मनोरंजन
  • अजब गजब
  • कृषि-पशुपालन
  • सरकारी योजनाएं
  • Home
  • MAIN HOME
  • Elementor #270618