राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में चमका प्रयागराज महाकुंभ 2025, मिलेगा स्वर्ण सम्मान

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में चमका प्रयागराज महाकुंभ 2025, मिलेगा स्वर्ण सम्मान

तकनीक और परंपरा का अद्भुत संगम, महाकुंभ ने दिलाया यूपी को राष्ट्रीय गौरव

योगी सरकार के डिजिटल सुशासन का भी बजा डंका, करोड़ों श्रद्धालुओं का सफल प्रबंधन बना उपलब्धि

महाकुंभ 2025 ने देशभर में बड़े आयोजनों के लिए पेश किया सबसे बढ़िया और सफल मॉडल

लखनऊ,
यूपी में योगी सरकार की योजनाओं और उसे बेहतर तरीके से लागू करने की इच्छाशक्ति को देशभर में सम्मान मिलने जा रहा है। इसका प्रमाण राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत प्रयागराज महाकुंभ 2025 को मिलने जा रहा स्वर्ण पुरस्कार होगा। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। केंद्र सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में महाकुंभ 2025 आयोजन (परियोजना) को देश के सर्वश्रेष्ठ ई-गवर्नेंस नवाचारों में शामिल किया गया है।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण द्वारा संचालित इस परियोजना को प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिससे उत्तर प्रदेश और प्रयागराज का गौरव राष्ट्रीय स्तर पर और बढ़ गया है। भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग द्वारा हर वर्ष दिए जाने वाले राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनसेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने वाली परियोजनाओं को सम्मानित करना है। वर्ष 2026 के लिए सात विभिन्न श्रेणियों में कुल 17 परियोजनाओं और पहलों का चयन किया गया है, जिनमें महाकुंभ 2025 भी शामिल है।

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दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन
महाकुंभ 2025 को सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन को आधुनिक तकनीक के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, डिजिटल सूचना सेवाओं, निगरानी व्यवस्था और विभिन्न नागरिक सुविधाओं के संचालन में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया था। इसी प्रभावी डिजिटल प्रबंधन ने महाकुंभ 2025 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।
पुरस्कारों की सूची में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की एग्री स्टैक, उपभोक्ता मामले मंत्रालय की ई-जागृति, स्वास्थ्य मंत्रालय की ई-संजीवनी एआई आधारित क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, बैंक ऑफ बड़ौदा का इंटीग्रेटेड साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क और इसरो के स्पेस एप्लीकेशन सेंटर की साइबर सुरक्षा परियोजना समेत कई महत्वपूर्ण पहलें शामिल हैं। इन प्रतिष्ठित परियोजनाओं के बीच महाकुंभ 2025 का चयन उत्तर प्रदेश के लिए विशेष उपलब्धि माना जा रहा है।

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बड़े आयोजनों का नया मॉडल बना महाकुंभ 2025
महाकुंभ 2025 के सफल डिजिटल प्रबंधन ने बड़े आयोजनों के संचालन का नया मॉडल प्रस्तुत किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सूचना उपलब्धता को तकनीक के माध्यम से बेहतर बनाने के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

पुरस्कार विजेताओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
केंद्र सरकार ने इस वर्ष 10 गोल्ड अवॉर्ड, 6 सिल्वर अवॉर्ड और एक जूरी अवॉर्ड की घोषणा की है। पुरस्कार विजेताओं को ट्रॉफी, प्रशस्ति पत्र और प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। गोल्ड अवॉर्ड प्राप्त करने वाले संस्थानों को 10 लाख रुपये तथा सिल्वर अवॉर्ड प्राप्त करने वालों को 5 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जिसका उपयोग जनकल्याणकारी परियोजनाओं के विस्तार और संसाधनों की कमी को दूर करने में किया जाएगा।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 का औपचारिक वितरण समारोह राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित होने वाले 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर की उत्कृष्ट डिजिटल गवर्नेंस परियोजनाओं को सम्मानित किया जाएगा।

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