छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का फैसला लिया गया है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान (एम-ऊर्जा) योजना के तहत 200 यूनिट तक बिजली बिल में दी जा रही रियायत को पहले की तरह जारी रखने का निर्णय लिया है। साथ ही योजना का लाभ लेने के लिए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत की पात्रता अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 7.25 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को फायदा मिलता रहेगा।
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, बकाया बिल जमा करने पर सरकार देगी भारी छूट
छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल में मिल रही रियायत जारी रखने का फैसला किया है। एम-ऊर्जा योजना के अंतर्गत पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली बिल में पूर्ववत छूट मिलती रहेगी। बिजली की बढ़ती जरूरतों और घरेलू खर्च को देखते हुए सरकार का यह निर्णय लाखों परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे विशेष रूप से ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी, जिनकी मासिक बिजली खपत योजना की निर्धारित पात्रता सीमा के भीतर है। हालांकि, योजना में 200 यूनिट तक रियायत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी उपभोक्ताओं का 200 यूनिट तक का पूरा बिजली बिल माफ कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को योजना के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार ही रियायत मिलेगी।
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मंत्रिपरिषद ने योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित पात्रता अवधि को छह महीने आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पहले 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पात्रता अवधि 30 सितंबर 2026 तक निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। इस फैसले का मतलब है कि निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले घरेलू बिजली उपभोक्ता मार्च 2027 तक योजना के अंतर्गत मिलने वाली रियायत का लाभ लेते रहेंगे। सरकार के इस निर्णय से उन उपभोक्ताओं को विशेष राहत मिलेगी, जिनकी मासिक खपत 200 यूनिट से अधिक लेकिन 400 यूनिट तक रहती है और जो योजना की अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
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एम-ऊर्जा योजना को लेकर उपभोक्ताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात रियायत और पात्रता सीमा के बीच का अंतर समझना है। बिल में रियायत 200 यूनिट तक की बिजली खपत पर निर्धारित राहत। पात्रता की सीमा 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ता। नई अंतिम तारीख 31 मार्च 2027 तक। अनुमानित लाभार्थी करीब 7.25 लाख परिवार। इसका अर्थ है कि 400 यूनिट तक मासिक खपत की पात्रता सीमा को आगे बढ़ाया गया है, जबकि बिजली बिल में रियायत 200 यूनिट तक के लिए पहले की तरह जारी रहेगी।
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घरेलू बजट पर कम होगा बिजली बिल का बोझ राज्य सरकार के इस फैसले से पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में मिलने वाली राहत अचानक बंद होने की चिंता से राहत मिलेगी। विशेष रूप से मध्यम आय और सीमित आय वाले परिवारों के लिए बिजली बिल में रियायत उपयोगी साबित हो सकती है। घरों में पंखे, कूलर, फ्रिज, लाइट और अन्य विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल के कारण बिजली की खपत नियमित रूप से होती है। ऐसे में सरकार द्वारा पात्रता अवधि बढ़ाए जाने से लाखों उपभोक्ताओं को अगले कुछ महीनों तक योजना का लाभ मिलता रहेगा।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन्हीं में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए एम-ऊर्जा योजना की रियायत जारी रखने का फैसला भी शामिल रहा। सरकार के इस निर्णय से लगभग 7.25 लाख उपभोक्ताओं को 31 मार्च 2027 तक योजना के तहत बिजली बिल में राहत मिलती रहेगी। पात्र उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि योजना की समय-सीमा बढ़ा दी गई है और 200 यूनिट तक मिलने वाली रियायत पूर्ववत जारी रहेगी।